मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहिल्यानगर में आयोजित सभा में कहा कि भाजपा-शिवसेना सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए औरंगाबाद का नाम छत्रपति संभाजीनगर और अहमदनगर का नाम अहिल्यानगर रखा। उन्होंने यह कदम छत्रपति शिवाजी महाराज के अनुयायियों की साहस और प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
अमित शाह ने कहा कि यह काम केवल शिवाजी के अनुयायियों से ही संभव था, क्योंकि औरंगजेब के अनुयायियों में इतनी हिम्मत नहीं थी। उन्होंने सभा में महाराष्ट्र के सहकारी आंदोलन के जनक पद्मश्री विट्ठलराव पाटिल को याद किया और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
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उन्होंने बताया कि विट्ठलराव पाटिल ने दुनिया का पहला सहकारी शक्कर कारखाना स्थापित किया, जिससे व्यापारी के बजाय किसान सीधे मुनाफे के हकदार बने। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स माफ किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहली बार कोऑपरेटिव सेक्टर के लिए सेटलमेंट एक्ट लागू किया, जिसे रेट्रोस्पेक्टिव तरीके से लागू करना ऐतिहासिक कदम था।









