Crime News : पानीपत, हरियाणा। हरियाणा के पानीपत स्थित सृजन पब्लिक स्कूल (Srijan Public School) में बच्चों के साथ बर्बरता के दो बेहद चौंकाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसने शिक्षा जगत और बाल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जटल रोड स्थित इस स्कूल में हुई अमानवीय घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला टीचर और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।
Read more : रायपुर में दशहरा 2025 की भव्य तैयारी : 2 अक्टूबर को जलेगा 110 फीट का ‘विशालकाय रावण…
Crime News : पहला वीडियो: खिड़की से उल्टा लटकाकर पिटाई मुखीजा कॉलोनी की निवासी डोली ने बताया कि उनके 7 वर्षीय बेटे (जो इसी साल दूसरी कक्षा में दाखिल हुआ था) का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने होमवर्क नहीं किया था। इसी बात पर महिला टीचर ने स्कूल के ड्राइवर अजय को बुलाया और बच्चे को ऐसी सज़ा देने को कहा जो वह उम्र भर याद रखे।
क्रूरता की हद: ड्राइवर अजय बच्चे को ऊपर के कमरे में ले गया, उसे रस्सियों से बांधा और खिड़की से उल्टा लटका दिया। अजय ने बच्चे को बेरहमी से थप्पड़ मारे और वीडियो कॉल करके अपने दोस्तों को भी यह पिटाई दिखाई, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हो गया।
मां का बयान: बेटे की मां डोली ने बताया कि वीडियो देखकर वह हक्का-बक्का रह गईं और तुरंत मॉडल टाउन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने FIR दर्ज कर तत्काल आरोपी ड्राइवर अजय और महिला टीचर को गिरफ्तार कर लिया है।
दूसरा वीडियो: टीचर ने छात्रों को बेरहमी से पीटा
वायरल हुए दूसरे वीडियो में, स्कूल की एक अन्य महिला टीचर छोटे बच्चों को अन्य छात्रों के सामने खुले में बैठे हुए बेरहमी से थप्पड़ मारती दिखीं। एक बच्चे को आगे बुलाकर उसके कान पकड़कर जोर से थप्पड़ मारा गया और फिर पीछे खड़े एक अन्य बच्चे को भी पीटा गया।
प्रिंसिपल की अजीबोगरीब सफाई स्कूल की प्रिंसिपल रीना ने इस पिटाई पर अपनी सफाई देते हुए दावा किया कि जिन छात्रों को पीटा गया था, उन्होंने दो सगी बहनों के साथ कुछ ‘बुरा बर्ताव’ किया था और बच्चों को ‘ठीक रास्ते पर लाने’ के लिए यह कदम उठाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसा करने से पहले बच्चों के परिवार वालों को सूचित कर दिया गया था। हालांकि, बच्चों को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारने की यह कार्रवाई शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के पूर्णतः विपरीत है।
प्रिंसिपल और ड्राइवर पर विरोधाभासी आरोप
पीड़ित बच्चे के परिवार और प्रिंसिपल के बयानों में जबरदस्त विरोधाभास सामने आया है:
ड्राइवर को नौकरी से निकालने का दावा: प्रिंसिपल रीना ने दावा किया कि ड्राइवर अजय का व्यवहार ठीक नहीं था और उसे अगस्त में ही नौकरी से निकाल दिया गया था। उन्होंने खुद को पीड़ित परिवार के साथ बताया।
परिवार का आरोप: मां डोली ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने पहले मामले को टालने की कोशिश की और बाद में खुद उन्हें धमकाने घर आई थीं। डोली ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे ड्राइवर अजय के घर पहुंचे, तो अजय ने उन्हें फोन करके अपने घर पर करीब 25 गुंडे भेज दिए जिन्होंने उनके साथ झगड़ा किया।
शौचालय साफ कराने का आरोप: कुछ छात्रों को सजा के तौर पर शौचालय (टॉयलेट) साफ करने के लिए मजबूर करने का आरोप भी स्कूल प्रबंधन पर लगा है।
स्कूल परिसर के भीतर हुई इस अमानवीय घटना ने शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही और बाल सुरक्षा कानूनों के उल्लंघन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।









