रायपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में 10 वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
ईडी ने यह सिफारिश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के उल्लंघन के आधार पर की है। मामले में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी जानकारी भेजी गई है। जांच में पाया गया कि ऑनलाइन कोयला परमिटों को ऑफलाइन मोड में बदलने से कोयला व्यापारियों से अवैध लेवी वसूली संभव हुई।
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घोटाले में कुल 570 करोड़ रुपये की कथित वसूली सामने आई। आरोपियों में आईएएस समीर विश्नोई, रानू साहू और सौम्या चौरसिया शामिल हैं। इनके साथ ही व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
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ईडी के अनुसार, यह रूपांतरण अनधिकृत लेनदेन का रास्ता खोलने वाला था, जिसमें राज्य के कई अधिकारी और व्यापारिक नेता शामिल हुए। जनवरी 2024 में ईओडब्ल्यू द्वारा प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वर्तमान में वे जमानत पर बाहर हैं। जांच में दस्तावेज़, वित्तीय रिकॉर्ड और गवाहों की गवाही ईडी के निष्कर्षों का आधार बनी हैं।











