गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र की बरौद कालरी के सेवानिवृत्त कर्मचारी तीन वर्षों से रिवाइज्ड पेंशन की राह देख रहे हैं। मगर अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसी बीच महाप्रबंधक अनिरुद्ध सिंह के गैर-जिम्मेदाराना बयान ने रिटायर्ड कर्मचारियों और मजदूर नेताओं का गुस्सा और भड़का दिया है।
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले इंटक और एटक के प्रतिनिधि गनपत चौहान और आलम खान ने महाप्रबंधक से मुलाकात कर लंबित पेंशन प्रकरण पर ठोस कार्रवाई की मांग की थी। मगर उन्हें आश्वासन देने की बजाय यह कहा गया— “जाइए, आंदोलन करिए, रिवाइज्ड पेंशन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।”
Read News : BIG Breaking : रायपुर एक्सप्रेस-वे पर मिले लावारिस बैग, पुलिस अलर्ट
इस बयान से आहत मजदूर नेताओं ने 15 दिनों की मोहलत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
तीन साल से अधर में अटकी फाइलें
बरौद कालरी से वर्ष 2021 से 2023 के बीच सेवानिवृत्त हुए 20 कर्मचारियों का रिवाइज्ड पेंशन प्रकरण अब भी निपटारा नहीं हो सका है। पांच माह से कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर और एसईसीएल प्रबंधन के बीच पत्राचार जारी है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं निकल पाया।
पेंशन का इंतजार करते-करते अब तक तीन रिटायर्ड कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, जबकि शेष सदस्य आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
“सेवा दी, पर मिला उपेक्षा का पुरस्कार”
सेवानिवृत्त कर्मचारी बताते हैं कि उन्होंने बरौद कालरी की खुली खदान परियोजना में इंजीनियर, फोरमेन, ऑपरेटर और लिपिक के रूप में कठिन परिस्थितियों में काम किया। परंतु अब सेवा निवृत्ति के बाद उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
Read News : Tikamgarh : नगर पालिका का अनोखा बदला, सीएम हेल्पलाइन की शिकायत करने पर घर के सामने फेंका कचरा
प्रभावित कर्मचारियों की सूची
रिवाइज्ड पेंशन के लिए जिन 20 सदस्यों के प्रकरण लंबित हैं, उनमें तिपन्ना कृष्णा, ए.के. अग्रवाल, विनोद कुमार सारथी, रथराम बीपी, मोहरलाल देहरी, स्व. अंजोर सिंह, बच्छराम, मोहम्मद आलम, शिवलाल साहू, राजकुमार, नितेश चंद्रवंशी, गनपतलाल चौहान, स्व. समयलाल, हंसराज, स्व. सालिकराम कुजुर, मुकेश कुमार मोदी, गणेशराम, तेरस राम साहू, जगितराम और भरतलाल शामिल हैं।
मजदूर नेताओं का कहना है कि यह “कोयला कंपनी के रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ अन्याय” है और अब न्याय की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ी जाएगी।













