रायपुर: Breaking News : रायपुर में राज्य जीएसटी विभाग ने एक बड़े जीएसटी फ्रॉड का खुलासा किया है। एक महीने की गहन जांच के बाद विभाग ने एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी फर्मों और जाली बिलों के जरिए राज्य सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लगा रहा था। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड जीएसटी सलाहकार मोहम्मद फरहान सोरठिया है।
Breaking News : कैसे काम करता था सिंडिकेट?
- मास्टरमाइंड फरहान ने अपने पांच कर्मचारियों की मदद से 172 फर्जी फर्मों का जाल फैला रखा था।
- इन फर्मों के लिए जाली दस्तावेज जैसे किरायानामा और सहमति पत्र तैयार किए जाते थे।
- 26 फर्जी फर्मों के माध्यम से 822 करोड़ रुपए के ई-वे बिल बनाए गए, जबकि रिटर्न में सिर्फ 106 करोड़ का टर्नओवर दिखाया गया।
- प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस सिंडिकेट ने अकेले इन्हीं 26 फर्मों से 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की जीएसटी चोरी की।
डेढ़ करोड़ से ज्यादा की नकदी और सोना जब्त
जांच के दौरान, अधिकारियों को फरहान के चाचा मोहम्मद अब्दुल लतीफ सोरठिया के घर से 1 करोड़ 64 लाख रुपए नकद और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले, जिसे जब्त कर लिया गया है। आयकर विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है।
जांच का दायरा बढ़ा
यह घोटाला सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं है। इन फर्जी फर्मों के तार पंजाब, असम, मणिपुर और ओडिशा तक फैले हुए हैं। इस मामले में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने वाली कंपनियां भी जीएसटी विभाग की जांच के घेरे में हैं। विभाग मामले की गहराई से जांच कर रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।











