Raipur Airport : रायपुर | रायपुर एयरपोर्ट के नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E 5138 को भोपाल डायवर्ट करना पड़ा। इसके बाद, यात्रियों को हुई असुविधा और एयरलाइन के प्रबंधन से नाराज होकर उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा किया।
Raipur Airport : क्या थी पूरी घटना?
उड़ान का समय: इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E5138 ने शाम 7:20 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी और उसे रात 8:55 बजे रायपुर पहुंचना था।
नेविगेशन में खराबी: रायपुर एयरपोर्ट पर तेज आंधी और बिजली गिरने के कारण नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई। इस वजह से विमान को रायपुर में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली।
भोपाल में लैंडिंग: कैप्टन संजय चौधरी ने यात्रियों को सूचित किया कि विमान को भोपाल डायवर्ट किया जा रहा है। रात 9:15 बजे, 170 यात्रियों को लेकर विमान भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुआ।
दिल्ली वापसी: भोपाल में कुछ समय रुकने और रिफ्यूलिंग के बाद, विमान रात 10:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गया और 11:45 बजे वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ।
यात्रियों का हंगामा और एयरलाइन का प्रबंधन
दिल्ली पहुंचने के बाद जब यात्रियों को बताया गया कि उन्हें उसी रात रायपुर नहीं भेजा जाएगा, तो उन्होंने एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यात्रियों का आरोप था कि इंडिगो का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनसे बात करने या स्थिति स्पष्ट करने के लिए मौजूद नहीं था। लगभग एक घंटे तक चले इस हंगामे के बाद, एयरलाइन ने यात्रियों को दो अलग-अलग रिसॉर्ट में ठहराने की व्यवस्था की।
Raipur Airport
इस पूरी घटना से यात्रियों को काफी असुविधा हुई। कई यात्री, जिनमें दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सोनमणी बोरा भी शामिल थे, अपनी आगे की योजनाओं को लेकर चिंतित थे।
आज रायपुर के लिए नई उड़ान
एयरलाइन ने सभी प्रभावित यात्रियों के लिए आज, यानी गुरुवार को रायपुर के लिए नई व्यवस्था की है। सभी यात्रियों को फ्लाइट नंबर 6E 9056 में सीट आवंटित की गई है। यह फ्लाइट दोपहर 12:40 बजे दिल्ली से उड़ान भरेगी और दोपहर 2:25 बजे रायपुर में लैंड करेगी।
नेविगेशन सिस्टम क्या होता है?
हवाई जहाज के संचालन में नेविगेशन सिस्टम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। यह विमान को सही रास्ते पर, सही ऊंचाई पर और सही समय पर गाइड करने में मदद करता है। इसके मुख्य प्रकार हैं:
- सैटेलाइट आधारित नेविगेशन: इसमें जीपीएस (GPS) जैसे सिस्टम का उपयोग होता है, जो उपग्रहों से सिग्नल लेकर विमान की स्थिति का सटीक पता लगाते हैं।
- ग्राउंड-बेस्ड ऑग्मेंटेशन सिस्टम: यह हवाई अड्डों के आसपास काम करता है। जमीन पर लगे स्टेशन जीपीएस की सटीकता को सुधारने के लिए डेटा भेजते हैं, खासकर लैंडिंग के समय।
- इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम: इसमें विमान में लगे सेंसर जैसे कि जाइरोस्कोप और एक्सेलेरोमीटर का इस्तेमाल होता है, जो विमान की गति और दिशा का पता लगाते हैं।













