सांसद ने अधिकारियों को खास तौर पर कहा कि पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) की मूर्तियों को किनारे पर जमा होने से रोकने के लिए नावों की मदद से गहरे पानी में विसर्जित किया जाए। उनका कहना था कि यदि मूर्तियों का ठीक से विसर्जन नहीं होता, तो उनके अवशेष नदी किनारे रह जाते हैं, जो भगवान गणेश का अपमान होता है।
Ganesh Visarjan 2025 : अधिकारियों को निर्देश:
- गहरे पानी में विसर्जन: छोटी प्रतिमाओं को राजघाट से ताप्ती नदी के बीचों-बीच विसर्जित किया जाएगा, ताकि पी.ओ.पी. की मूर्तियां किनारे पर जमा न हों।
- एक और विसर्जन घाट की सौगात: सांसद ने मोहना संगम घाट को भी विसर्जन के लिए खोलने की घोषणा की, जिससे आस-पास के क्षेत्रों के लोगों को सुविधा होगी।
- व्यवस्था और सुरक्षा: कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि राजघाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस व नगर निगम की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।
बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए हतनूर पुल का मार्ग चुना गया है, जबकि छोटी मूर्तियों का विसर्जन राजघाट से होगा। अधिकारियों ने लोगों से इस नई व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।









