नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग ने अमेरिका के लिए सभी तरह की पोस्टल सर्विस को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। विभाग ने बताया कि यह कदम अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% तक के अतिरिक्त टैरिफ और कस्टम विभाग के नए नियमों की अस्पष्टता के चलते उठाया गया है। अब लेटर, दस्तावेज और 100 डॉलर (करीब 8,700 रुपये) तक के गिफ्ट आइटम भी इस रोक में शामिल कर दिए गए हैं।
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डाक विभाग ने पहले 25 अगस्त से 100 डॉलर तक के डॉक्यूमेंट और गिफ्ट को छोड़कर बाकी सभी कैटेगरी पर बुकिंग रोक दी थी। लेकिन एयरलाइंस ने तकनीकी तैयारी पूरी न होने और कस्टम नियम स्पष्ट न होने के चलते अब इन्हें भी ले जाने से इंकार कर दिया है। विभाग ने कहा कि जिन ग्राहकों ने पहले ही बुकिंग करा दी है, उन्हें पोस्टेज का रिफंड मिलेगा।
दरअसल, ट्रम्प प्रशासन ने 30 जुलाई को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी कर 800 डॉलर (करीब 70 हजार रुपये) तक की ड्यूटी-फ्री छूट 29 अगस्त से खत्म कर दी। अब अमेरिका जाने वाले सभी डाक सामानों पर इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) टैरिफ स्ट्रक्चर के तहत कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी।
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अभी तक अमेरिकी कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने शुल्क वसूली और योग्य वस्तुओं की स्पष्ट गाइडलाइन नहीं दी है। इस कारण एयरलाइंस डाक पार्सल स्वीकार नहीं कर रही हैं। डाक विभाग का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और जैसे ही स्थिति स्पष्ट होगी, सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
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विभाग ने ग्राहकों से असुविधा के लिए खेद जताते हुए भरोसा दिलाया है कि सेवाओं को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने की कोशिश की जा रही है।













