Chaitanya Baghel : रायपुर/दिल्ली : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत के मामले में राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें हाईकोर्ट का रुख करने को कहा है। साथ ही शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट को यह निर्देश भी दिया है कि वह चैतन्य की अंतरिम ज़मानत याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई करे।
Chaitanya Baghel : इसके साथ ही कोर्ट ने सुझाव दिया है कि चैतन्य बघेल अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से संबंधित PMLA के सेक्शन 50 और 63 को चुनौती देना चाहते हैं, तो इसके लिए वे अलग से रिट याचिका दाखिल करें।
Chaitanya Baghel : बता दें कि चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय ने 18 जुलाई को दुर्ग जिले के भिलाई में उनके आवास से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि चैतन्य ने कथित शराब घोटाले से जुड़ी 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई का प्रबंधन किया और उसमें से 16.70 करोड़ रुपये अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास में लगाए।
Chaitanya Baghel : ईडी के अनुसार, यह राशि अपराध से अर्जित आय है, जिसका इस्तेमाल चैतन्य ने निजी लाभ के लिए किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
Chaitanya Baghel : इधर, सुप्रीम कोर्ट में भूपेश बघेल की दो अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई चल रही है। उन्होंने न सिर्फ गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की है, बल्कि PMLA के सेक्शन 44 के कथित दुरुपयोग को भी चुनौती दी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि देश में एजेंसियों द्वारा मनमाने ढंग से गिरफ्तारियां की जा रही हैं, और मजिस्ट्रेट की अनुमति तक नहीं ली जा रही। इस पूरे मामले में अगली कानूनी प्रक्रिया अब हाईकोर्ट में तय होगी, जहां से चैतन्य बघेल को अंतरिम राहत मिलने या न मिलने का फैसला होना बाकी है।













