Election Commission : मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर AAP का निशाना, सौरभ बोले-सरकार Yes Man बनाकर कर रही लोकतंत्र कमजोर

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Election Commission : नई दिल्ली। चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार सेवानिवृत्त नौकरशाहों को बतौर “येस मैन” मुख्य चुनाव आयुक्त बना रही है, ताकि वे सत्ता के पक्ष में काम करें।

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सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि रिटायरमेंट के बाद इन अफसरों की “लॉटरी” लग जाती है। उन्हें गाड़ी, बंगला, रुतबा मिलता है और फिर वे हर मंच पर सरकार की ढोलक बजाने लगते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह किसी “भाजपा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष” की तरह बयानबाज़ी कर रहे हैं।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने दफ्तर में पूर्व चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन की तस्वीर लगानी चाहिए और रोज़ सुबह-शाम उसे देखना चाहिए ताकि उनका मन शुद्ध हो सके।” भारद्वाज ने यह भी जोड़ा कि टी.एन. शेषन के कार्यकाल में चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था के रूप में पहचान बनाई थी।

यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इसका खंडन करते हुए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सार्वजनिक की, जिसमें तेजस्वी यादव का नाम दर्ज है। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने का दावा तथ्यों के विपरीत है और संबंधित नेताओं को इसे ध्यान से देखना चाहिए।

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आम आदमी पार्टी से पहले भी कांग्रेस, राजद और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं। विपक्ष का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता लगातार खतरे में है और केंद्र सरकार की मनमानी से इन संस्थाओं की साख पर असर पड़ रहा है। वहीं चुनाव आयोग बार-बार यह दावा करता रहा है कि वह पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहा है, और सभी फैसले निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जा रहे हैं।

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