
Business: स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस स्क्रीन गार्ड पर आप पैसे खर्च करते हैं, वह आपके फोन और आंखों के लिए कितना सुरक्षित है? अब भारतीय बाजार में बिकने वाले खराब क्वालिटी और सस्ते स्क्रीन गार्ड्स पर सरकार ने लगाम कसने की तैयारी पूरी कर ली है। केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड्स के लिए बीआईएस (BIS) रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के तहत अब किसी भी कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स बाजार में बेचने से पहले बीआईएस के कड़े टेस्ट से गुजरना होगा, और यह पूरा नियम 1 अप्रैल 2027 से देश भर में लागू हो जाएगा।
2D / 2.5D टेम्पर्ड ग्लास
आम और बेसिक प्रोटेक्शन चाहने वाले यूजर्स के लिए यह सबसे आम विकल्प है।
3D / UV कर्व्ड ग्लास
आजकल आने वाले महंगे और कर्व्ड डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन्स की स्क्रीन को सुरक्षित रखने के लिए इसका इस्तेमाल होता है।
मैट / प्राइवेसी ग्लास
यह स्क्रीन को साइड से देखने वालों की नज़रों से बचाता है और स्क्रैच से भी सुरक्षित रखता है।
प्लास्टिक / TPU गार्ड
यह सिर्फ हल्के-फुल्के स्क्रैच से बचाता है, लेकिन फोन गिरने पर डिस्प्ले को कोई खास ड्रॉप प्रोटेक्शन नहीं देता।
ग्राहकों और कंपनियों पर क्या होगा असर?
इस नए बदलाव से ग्राहकों को सबसे बड़ा फायदा यह मिलेगा कि बाजार में बिकने वाले नकली, घटिया और आसानी से टूटने वाले सस्ते स्क्रीन गार्ड्स से छुटकारा मिल जाएगा। एक तय क्वालिटी स्टैंडर्ड होने की वजह से अब महंगे स्मार्टफोन का डिस्प्ले पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
कैसे पहचानें BIS सर्टिफाइड गार्ड?
1 अप्रैल 2027 के बाद बिकने वाले सभी ऑथराइज्ड स्क्रीन गार्ड्स के पैकेट पर बीआईएस का आईएसआई (ISI) मार्क और रजिस्ट्रेशन नंबर प्रिंट होगा। ग्राहक चाहें तो ‘BIS CARE’ ऐप के जरिए इसे आसानी से वेरिफाई भी कर सकते हैं।
क्या ₹50-₹100 वाले लोकल ग्लास बंद हो जाएंगे?
बिल्कुल! बिना बीआईएस टेस्टिंग और रजिस्ट्रेशन के बिकने वाले किसी भी लोकल या अनब्रांडेड चाइनीज स्क्रीन गार्ड की बिक्री पर कानूनी रोक लग जाएगी।
घटिया क्वालिटी के नुकसान
खराब क्वालिटी का ग्लास हल्का सा झटका लगने पर खुद तो टूटता ही है, साथ ही फोन के ओरिजिनल डिस्प्ले को भी चकनाचूर कर देता है। इसके अलावा, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर का धीमा होना और सही एंटी-ग्लेयर कोटिंग न होने से आंखों पर पड़ने वाला बुरा असर भी आम समस्या है।





