Ravichandran Ashwin : इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में भारतीय टीम दबाव में नजर आ रही है। पहली पारी में भारत ने 358 रन बनाए, लेकिन इसके जवाब में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया। बेन डकेट और जैक क्राउली ने 166 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद जो रूट और ओली पोप ने भी अच्छी बल्लेबाजी कर इंग्लैंड को बढ़त दिलाने में मदद की। भारतीय गेंदबाज लय में नहीं दिखे, और इस कमी का पूरा फायदा इंग्लिश बल्लेबाजों ने उठाया।
Ravichandran Ashwin : अब पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मैनचेस्टर टेस्ट में टीम इंडिया और हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। अश्विन का मानना है कि टीम बल्लेबाजी की गहराई के पीछे जरूरत से ज्यादा भाग रही है, जबकि ध्यान गेंदबाजी को मजबूत करने पर होना चाहिए।
Ravichandran Ashwin : अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन ने कहा कि नंबर आठ का बल्लेबाज भले 20-30 रन जोड़ दे, लेकिन अगर उसकी जगह कोई ऐसा गेंदबाज हो जो दो-तीन विकेट निकाल सके, तो वो मैच का रुख बदल सकता है। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स और बर्मिंघम टेस्ट में नीतीश कुमार रेड्डी को खिलाया गया, लेकिन वे अभी बेन स्टोक्स जैसे ऑलराउंडर नहीं हैं।
Ravichandran Ashwin : अश्विन ने कुलदीप यादव को टीम में शामिल न किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब पिच सपाट है और तेज गेंदबाज थके हुए लग रहे हैं, तब कुलदीप जैसे अटैकिंग स्पिनर को बाहर रखना समझ से परे है। उनका कहना था कि जब नीतीश कुमार रेड्डी छठे नंबर पर भी प्रभावी नहीं हो पा रहे, तब कुलदीप को टीम में शामिल करना मुश्किल नहीं होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि बुमराह का वर्कलोड मैनेज करने की बात तो की गई, लेकिन कुलदीप की गैरमौजूदगी से गेंदबाजी कमजोर पड़ी है।
Ravichandran Ashwin : इस टेस्ट में नीतीश रेड्डी की जगह शार्दुल ठाकुर को फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में मौका दिया गया, लेकिन उन्होंने शुरुआती 5 ओवर में ही 35 रन लुटा दिए। अश्विन ने पूछा कि जब कोई गेंदबाजी में योगदान नहीं दे पा रहा, तो चयन का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि अगर किसी ने पहले ही कह दिया होता कि कुलदीप पहले चार टेस्ट नहीं खेलेंगे, तो वो खुद हैरान रह जाते। यह इस बात का संकेत है कि टीम चयन में बल्लेबाजी को लेकर जरूरत से ज्यादा सोच दिख रही है, जबकि गेंदबाजी पर समझौता किया गया है।
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