CG News : रायपुर| बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी से आहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को “श्राप” देते हुए कहा था कि “डबल इंजन सरकार जल्द गिरेगी”। इस तीखे बयान पर अब विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह ने कड़ा पलटवार किया है।
रमन सिंह ने क्या कहा- डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल के श्राप पर तंज कसते हुए कहा –
“सरकार आती-जाती रहती है। किसी के श्राप से सरकारें नहीं गिरतीं। जिसने भी भ्रष्टाचार किया है, उसका फैसला न्यायालय करेगा। इसलिए ज्यादा परेशान न हों, बस इंतजार करें।”
डॉ. सिंह ने आगे यह भी जोड़ा कि भूपेश बघेल को गौठान योजना की दुर्दशा पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि पिछले 5 वर्षों में कांग्रेस सरकार के दौरान ही इन गौठानों की हालत खराब हुई है।
‘हरेली’ कार्यक्रम में नेताओं की राजनीतिक तल्ख़ी और हास्य के रंग
यह सारा विवाद उस समय सामने आया जब खेती और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर हरेली पर्व के मौके पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह, टंकराम वर्मा और कई अन्य मंत्री शामिल हुए।
डॉ. रमन सिंह ने वहां मजाकिया लहजे में कहा : “टंकराम वर्मा जी के घर में शादी-ब्याह के लिए बाहर से बैंड-बाजा बुलाने की जरूरत नहीं। उनके तीनों भाई ही काफी हैं।”
कार्यक्रम में मंत्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ‘गेड़ी’ चलाई और कहा: “आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली का त्योहार मना रहा है। हमने भी बचपन की यादों को ताज़ा किया। मैं अब तक 6 पौवा वाली 10 फीट की गेड़ी चला चुका हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि खेल और त्योहारों पर किसी पार्टी का एकाधिकार नहीं होता। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वह भी बचपन से खेलों में शामिल होते आए हैं।
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेताओं में नाराज़गी और असंतोष देखा गया। बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और बीजेपी पर न्याय तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
भूपेश बघेल ने हाल ही में कहा था:- “हमारे घर में आए संकट से अगर कोई खुश हो रहा है तो वह ये न भूलें कि सत्ता हमेशा नहीं रहती। डबल इंजन सरकार को मेरा श्राप है – जल्द गिरेगी।”
राजनीतिक विश्लेषण
यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ की राजनीति में श्राप बनाम न्याय की नई बहस को जन्म दे चुका है। जहां एक ओर कांग्रेस इसे सत्ता का दुरुपयोग मान रही है, वहीं बीजेपी इसे कानूनी प्रक्रिया बता रही है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि 2025 के अंत तक छत्तीसगढ़ में राजनीतिक टकराव और तेज़ हो सकता है, खासकर तब जब भूपेश बघेल और उनके परिजनों से जुड़े मामलों की जांच एजेंसियाँ आगे बढ़ाती हैं।











