CG NEWS : जगदलपुर | जगदलपुर के नवोदय विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के नाम पर बर्बरता का जो मामला सामने आया है, उसने न सिर्फ अभिभावकों को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे शहर में गुस्से की लहर दौड़ा दी है। सोमवार की रात जब हॉस्टल की बिजली गुल हुई, तो कुछ छात्र अपने कमरे में मस्ती और गाने में मशगूल हो गए। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर पहुंचे हॉस्टल वार्डन ने ‘अनुशासन सिखाने’ के नाम पर सात छात्रों को लोहे की रॉड से बेरहमी से पीट डाला। पीड़ित छात्रों के शरीर पर अभी भी चोट के गंभीर निशान हैं। अगले दिन सभी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इस दिल दहला देने वाली घटना की न तो स्कूल प्रबंधन ने पुष्टि की, और न ही परिजनों को सूचना दी।
सच्चाई तब सामने आई जब घायल छात्र अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों ने पूछताछ के बाद परिजनों को बुलाया।
गुस्साए माता-पिता स्कूल पहुंचे, लेकिन प्रबंधन न सिर्फ पूरी तरह मौन रहा, बल्कि जब पत्रकारों ने सवाल किए तो मीडिया से भी बदसलूकी की गई। कोई बयान नहीं, कोई खेद नहीं — बस चुप्पी और लीपा-पोती। अब जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन परिजनों का सवाल है — “क्या इस वार्डन पर अब भी कोई कार्रवाई होगी, या बच्चों की चीखें भी दीवारों में दबा दी जाएंगी?”











