Work From Home Energy Lockdown : मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है — ‘एनर्जी लॉकडाउन’।
हालांकि यह कोई आधिकारिक शब्द नहीं है, लेकिन लोग इसका इस्तेमाल उस स्थिति के लिए कर रहे हैं जब ईंधन, गैस और बिजली बचाने के लिए सरकारें और कंपनियां नई पाबंदियां या बदलाव लागू करती हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या आने वाले समय में फिर से ‘वर्क फ्रॉम होम’ कल्चर की वापसी हो सकती है।
क्यों बढ़ रही है Work From Home की चर्चा?
ईरान के पास स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल है। यहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल-डीजल व गैस की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।
ऐसे हालात में कई देशों ने ईंधन बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों और कंपनियों में बदलाव शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तान और फिलीपींस में सरकारी कार्यालय सप्ताह में चार दिन खोले जा रहे हैं, जबकि लाओस में सरकारी कर्मचारियों के लिए Work From Home अनिवार्य कर दिया गया है। वियतनाम में भी कंपनियों को रिमोट वर्क अपनाने की सलाह दी जा रही है।
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कोविड लॉकडाउन जैसी क्यों हो रही तुलना?
‘एनर्जी लॉकडाउन’ की तुलना कोविड लॉकडाउन से इसलिए की जा रही है क्योंकि इसमें भी लोगों की आवाजाही कम करने, यात्रा घटाने और घर से काम करने जैसे उपाय शामिल हैं। हालांकि इसमें शहर बंद करने या सीमाएं सील करने जैसी सख्त पाबंदियां नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल संकट और गहराता है तो कंपनियां कर्मचारियों को फिर से Hybrid Work और Work From Home मॉडल पर शिफ्ट कर सकती हैं, ताकि ऑफिस आने-जाने में होने वाले ईंधन खर्च को कम किया जा सके।
भारत में क्या है स्थिति?
भारत सरकार ने फिलहाल साफ किया है कि देश में किसी तरह का ‘एनर्जी लॉकडाउन’ लागू करने की योजना नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि सरकार जरूरी ईंधन की सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने की दिशा में काम कर रही है।
हालांकि, बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर भारत में भी दिखाई देने लगा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर पहले ही महंगे हो चुके हैं और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
Covid के बाद बदल गया था काम करने का तरीका
भारत में Work From Home कल्चर को सबसे बड़ा बढ़ावा कोविड-19 महामारी के दौरान मिला था। मार्च 2020 में लॉकडाउन के समय प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से घर से काम करने की अपील की थी।
इसके बाद IT, कंसल्टिंग और कई कॉर्पोरेट सेक्टर में रिमोट वर्क आम हो गया। महामारी खत्म होने के बाद कई कंपनियों ने Hybrid Work Model अपनाया, जिसमें कर्मचारी कुछ दिन ऑफिस और कुछ दिन घर से काम करते रहे।
क्या फिर घर से काम करने का दौर आएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट संकट लंबा खिंचता है और तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो कंपनियां फिर से Work From Home मॉडल को बढ़ावा दे सकती हैं। इससे यात्रा खर्च कम होगा और ऊर्जा की बचत भी हो सकेगी।
हालांकि, यह पूरी तरह वैश्विक हालात और ऊर्जा संकट की गंभीरता पर निर्भर करेगा। फिलहाल सरकारें लोगों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने और गैरजरूरी यात्रा कम करने की अपील कर रही हैं।









