Monsoon Session Of Parliament : नई दिल्ली, 21 जुलाई 2025: संसद का मानसून सत्र सोमवार को भारी हंगामे और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के साथ शुरू हुआ। सत्र के पहले ही दिन, विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई।
विपक्ष का हल्ला बोल: मुख्य मुद्दे और आरोप
जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमला और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।
इस बीच, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी संसद में तीखी बहस छिड़ गई, जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध टालने का श्रेय स्वयं को दिया था। राज्यसभा में विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी को भारत की संप्रभुता के लिए अपमानजनक करार देते हुए तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें “दो शब्द” बोलने की भी अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने वेल में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बार-बार आग्रह के बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर नहीं लौटे, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में भी हंगामा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना केंद्र बिंदु
राज्यसभा में भी विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती। उन्होंने ट्रंप के दावे पर भी चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए शर्मनाक बताया। जवाब में नेता सदन जेपी नड्डा ने खड़गे को उनके जन्मदिन की बधाई दी और कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे साहसिक अभियान बताया।
जस्टिस यशवंत वर्मा पर महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू
सत्र के पहले ही दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के लिए संसद में महाभियोग प्रस्ताव भी पेश किया गया। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें 55 हस्ताक्षरों वाला नोटिस प्राप्त हुआ है, हालांकि एक सदस्य द्वारा दो बार हस्ताक्षर किए जाने के कारण वैध संख्या 54 मानी गई। राज्यसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी यह प्रस्ताव आने की पुष्टि की गई है।
लैडिंग बिल पारित, विपक्षी वॉकआउट के बीच कार्यवाही
हंगामे के बावजूद, राज्यसभा में पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय से जुड़ा लैडिंग बिल पेश किया गया। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बावजूद, यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की अनुपस्थिति में आम आदमी पार्टी, बीजू जनता दल और भारत राष्ट्र समिति के कुछ सदस्यों ने ही चर्चा में भाग लिया।सत्र की शुरुआत में, राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य मीनाक्षी जैन, सदानंद मास्टर, हर्षवर्धन श्रृंगला और बीरेंद्र प्रसाद बैश्य को सदस्यता की शपथ दिलाई गई। सदन ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर भी शोक व्यक्त किया।
कुल मिलाकर, मानसून सत्र की शुरुआत सरकार और विपक्ष के बीच तीखी तकरार के साथ हुई है। ऑपरेशन सिंदूर, ट्रंप के बयान, एसआईआर प्रक्रिया और न्यायपालिका से जुड़े मामलों ने पहले ही दिन संसद की कार्यवाही को बाधित कर दिया। अगले कुछ दिनों में इन मुद्दों पर और गरमा गरम बहस की संभावना है, जिससे सत्र काफी गहमागहमी भरा रहने वाला है।











