Wednesday, September 30, 2026
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Chaitanya Baghel : भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर ईडी का खुलासा, रियल एस्टेट में लगाया 16.70 करोड़ का काला धन!

Chaitanya Baghel
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Chaitanya Baghel : रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 18 जुलाई 2025 को राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने गिरफ्तारी के बाद चैतन्य को रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन की हिरासत (22 जुलाई तक) में भेज दिया गया।

Chaitanya Baghel : ईडी द्वारा जारी प्रेसनोट में कहा गया है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। एजेंसी ने बताया कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुए शराब घोटाले की जांच राज्य की एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है।

Chaitanya Baghel : ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि घोटाले से जुड़ी करीब ₹2500 करोड़ की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) का हिसाब खंगाला जा रहा है। इसमें से चैतन्य बघेल को ₹16.70 करोड़ की अवैध राशि प्राप्त होने के प्रमाण मिले हैं। यह राशि उन्होंने अपनी रियल एस्टेट फर्मों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर प्रोजेक्ट निर्माण में निवेश की।

Chaitanya Baghel : ईडी के अनुसार, चैतन्य ने इस राशि को नकद में भुगतान, बैंक प्रविष्टियों, और ठेकेदारों को दिए गए भुगतान के माध्यम से छुपाया। उन्होंने शराब सिंडिकेट से जुड़े त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ साठगांठ कर ‘विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट’ में ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर फर्जी फ्लैट बुकिंग के जरिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि हासिल की।

Chaitanya Baghel : बैंकिंग ट्रेल से यह भी पता चला है कि इस दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों को शराब सिंडिकेट से भुगतान मिला, जिसे उसने कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को ट्रांसफर किया। अनवर ढेबर और अन्य लोगों के साथ मिलकर यह फंड ट्रांसफर किया गया।

Chaitanya Baghel : ईडी का यह भी कहना है कि इस काली कमाई का एक हिस्सा बघेल परिवार के करीबी सहयोगियों के पास निवेश के रूप में पहुंचा है। फिलहाल इस धन के अंतिम उपयोग की जांच जारी है।

Chaitanya Baghel : इस घोटाले में पहले ही अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस), और विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईडी ने कहा है कि मामले में जांच अभी भी जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

 

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