रायपुर। रायपुर नगर निगम : नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बाद अब दुकानों के किराया वसूली को भी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम की 4 हजार दुकानों से हर साल 7 करोड़ की आय होती है, लेकिन वर्षों से भौतिक सत्यापन नहीं हुआ था और कई किरायेदारों ने दुकानें मनमाने ढंग से बदल ली थीं। अब 2035 दुकानों का सर्वे पूरा कर लिया गया है और किराया क्षेत्रफल और दर के अनुसार तय होगा। इस व्यवस्था से निगम को 10 करोड़ रुपये तक का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
रायपुर नगर निगम : इधर, म्यूनिसिपल बॉन्ड से पहले निगम ने 400 करोड़ टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा है। आयुक्त विश्वदीप ने सभी 70 वार्डों में गैर मूल्यांकित संपत्तियों का सर्वे कर वार्डवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, 36,387 ओपन प्लॉट में से 16,635 अभी भी टैक्स रिकॉर्ड में नहीं हैं। इन सभी को अपडेट करने के लिए जोनल राजस्व अमले को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।











