रीवा। Reva Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक समझौता हुआ है। दोनों राज्यों ने आपसी सहयोग के तहत पर्यटन क्षेत्र में एमओयू साइन किया, जिसका सीधा लाभ विंध्य क्षेत्र और रीवा को मिलेगा। बुधवार रात लखनऊ के ताज होटल में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम और रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और इस महत्वपूर्ण पहल की जानकारी दी।
Reva Madhya Pradesh : डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जाने वाले यात्रियों ने रीवा के होटलों, लॉज और पर्यटन स्थलों को भारी लाभ पहुंचाया था। अब जब दोनों प्रदेश संयुक्त पर्यटन रणनीति के तहत काम करेंगे, तो रीवा एक केंद्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।

रीवा का भूगोल और धार्मिक-प्राकृतिक धरोहरों की मौजूदगी, जैसे कि पूर्वा वॉटरफॉल, क्योंटी जलप्रपात, चचाई फॉल, मैहर देवी मंदिर—इन सभी स्थलों तक उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यह समझौता दोनों राज्यों को जोड़ने वाला सेतु बनकर उभरेगा।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा—”मध्यप्रदेश में 30% से ज्यादा वन क्षेत्र है, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की भरमार है। वहीं उत्तरप्रदेश की जनसंख्या और घनत्व दोनों ज्यादा हैं। ऐसे में MP-UP के मिलकर चलने से पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा मिलेगी।”

इस एमओयू से ट्रांसपोर्ट, होटल, गाइड सेवा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी गति आने की संभावना है। दोनों सरकारें मिलकर जल्द ही थीम बेस्ड टूरिज्म सर्किट और नए कनेक्टिविटी प्लान पर काम करेंगी।













