Barwani News: बड़वानी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में ग्राउंड की बदहाली को लेकर चल रहा छात्रों का धरना 48 घंटे बाद हंगामे में बदल गया था। पूजा बघेल सहित अन्य छात्र-छात्राएं और एथलीट 400 मीटर ट्रैक, शौचालय, लाइटिंग, CCTV और गार्ड सहित 17 सूत्रीय मांगों पर लिखित आश्वासन की मांग को लेकर अड़े रहे। प्राचार्य द्वारा 15 मिनट का समय कहने के बाद भी लिखित पत्र नहीं देने पर आक्रोश बढ़ गया और शाम 5:30 बजे से प्राचार्य कक्ष के बाहर जमकर नारेबाजी हुई। जो देर रात तक धरना प्रदर्शन चला।
Barwani News: धरने पर बैठी छात्रा पूजा बघेल ने बताया कि दो दिन से धरने पर बैठकर मांग रखी, लेकिन आश्वासन सिर्फ मौखिक मिला, लिखित में कोई जवाब नहीं दिया गया। धरने से पढ़ाई और प्रैक्टिस प्रभावित हुई है। प्रमुख मांगें ग्राउंड से संबंधित थीं – 400 मीटर ट्रैक का समतलीकरण, मिट्टी भराव, लाइटिंग, CCTV, गार्ड की तैनाती, महिला खिलाड़ियों के लिए शौचालय व्यवस्था और रखरखाव के लिए कर्मचारी की नियुक्ति।
Barwani News: छात्रा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने सील-साइन के साथ 15 से 20 मिनट में लिखित में देने की बात कही थी, लेकिन समय निकलने पर छात्राएं धरना स्थल से उठकर प्राचार्य कक्ष के बाहर बैठ गईं और आंदोलन तेज हो गया। इस पर प्राचार्य वीणा सत्य खुद कक्ष से बाहर आईं और 5 प्रदर्शनकारी छात्रों को अंदर बुलाकर बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान गेट के बाहर महिला पुलिसकर्मी और पुलिस जवान तैनात रहे।
छात्राएं लिखित मांग पत्र पर अड़ी रहीं, कक्ष के भीतर से लेकर बरामदे तक कॉलेज प्रशासन को घेरा। प्राचार्य मांगों को उच्च स्तर और जिला प्रशासन को भेजने की बात कहती नजर आईं, लेकिन तालमेल नहीं बैठा।
प्रदर्शनकारी अंकित निगवाल ने बताया कि ग्राउंड में निजी कार्यक्रमों की पार्किंग बाहर हो, ट्रैक के लिए अलग समिति बने जिसमें छात्र प्रतिनिधि, कॉलेज प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हों। पहले भी सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी, लेकिन दबाव बनाकर हटवा दी गई।
रात ढलते ही हंगामा बढ़ गया और प्राचार्य को पुलिस अभिरक्षा में घर ले जाने के दौरान छात्र सड़क पर लेट गए। पुलिस ने समझाइश दी कि बाहरी व्यक्ति धरने में शामिल न हों। इस दौरान तहसीलदार, पटवारी और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे और समन्वय नहीं बनने पर प्राचार्य और स्टाफ को पुलिस सुरक्षा में रवाना किया गया।
कॉलेज प्राचार्य वीणा सत्य ने बताया कि 80% मांगें मान ली गई हैं। लाइट और कैमरे लगवा दिए गए हैं, यूरिनल्स को 15 दिन में शौचालय में बदल दिया जाएगा। छोटे कार्य 10 से 15 दिन में और ग्राउंड का समतलीकरण-मरम्मत कार्य डेढ़ माह में पूरा होगा। ट्रैक के लिए करीब 1 करोड़ का बजट चाहिए, जिसके लिए उच्च स्तरीय स्वीकृति लगेगी।
Barwani News: थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि 16 सितंबर से शहीद भीमा नायक कॉलेज में ग्राउंड सुधार को लेकर धरना चल रहा था। 17 सितंबर को प्राचार्य ने आश्वस्त किया था कि संभावित मांगें पूरी की जाएंगी, लेकिन कुछ छात्रों ने रात में प्राचार्य को घर जाने से रोका। पुलिस टीम ने हिकमतअमली से प्राचार्य को सकुशल बाहर निकालकर घर तक सुरक्षा में पहुंचाया।






