Wednesday, September 16, 2026
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PF New Rule: 12 साल बाद बदली लिमिट! ₹25 हजार तक बेसिक सैलरी वालों को बड़ा फायदा…

PF New Rule: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के EPF और EPS को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने PF के लिए अनिवार्य बेसिक सैलरी की सीमा ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रति महीने करने को मंजूरी दे दी है। यानी अब ₹25 हजार तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को PF के दायरे में शामिल करना अनिवार्य होगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी।सरकार के अनुसार, इस बदलाव से करीब 51 लाख कर्मचारियों को PF बचत और पेंशन से सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। करीब 12 साल बाद PF की अनिवार्य सैलरी सीमा में बदलाव किया गया है, इसलिए इसका असर बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

अब तक PF के लिए अनिवार्य बेसिक सैलरी की सीमा ₹15 हजार प्रति महीने थी। लंबे समय से यही सीमा लागू थी। अब इसे बढ़ाकर ₹25 हजार किया गया है।इस बदलाव के बाद ऐसे कर्मचारी भी PF व्यवस्था के दायरे में आ सकेंगे, जिनकी बेसिक सैलरी पुरानी ₹15 हजार की सीमा से अधिक थी, लेकिन नई ₹25 हजार की सीमा के भीतर आती है। इससे कर्मचारियों की नियमित बचत और पेंशन कवरेज का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

पहले क्या था नियम?
पुराने नियम के तहत जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹15 हजार प्रति महीने तक थी, उनके लिए EPF कवरेज अनिवार्य था। ₹15 हजार से अधिक बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों के मामले में PF कवरेज को लेकर अलग प्रावधान लागू होते थे।अब PF New Rule के तहत अनिवार्य सीमा ₹25 हजार होने से ज्यादा कर्मचारियों को PF सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा। हालांकि, नई व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया और लागू होने की तारीख से जुड़े विवरण आगे स्पष्ट किए जाएंगे।

51 लाख कर्मचारियों को फायदा
सरकार के अनुमान के अनुसार, इस फैसले से करीब 51 लाख कर्मचारियों को PF बचत और पेंशन कवरेज का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। EPF में नियमित योगदान कर्मचारियों के लिए लंबे समय की बचत तैयार करता है, जबकि EPS पेंशन से जुड़ी सुरक्षा देता है।नई सीमा का सबसे सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनकी बेसिक सैलरी ₹15 हजार से ज्यादा है और अब ₹25 हजार तक है। ऐसे कर्मचारियों का दायरा नई व्यवस्था में बढ़ सकता है।

EPF और EPS क्या है?
EPF यानी Employees’ Provident Fund कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट बचत की व्यवस्था है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता की ओर से योगदान किया जाता है। वहीं EPS यानी Employees’ Pension Scheme पेंशन से जुड़ी व्यवस्था है।इसलिए PF New Rule सिर्फ बचत से जुड़ा बदलाव नहीं है। इससे पेंशन कवरेज का दायरा भी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, किसी कर्मचारी को मिलने वाला वास्तविक लाभ उसकी पात्रता, योगदान और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

बेसिक सैलरी पर पड़ेगा असर
PF की गणना में बेसिक सैलरी अहम भूमिका निभाती है। इसलिए नई सीमा लागू होने पर कर्मचारियों को अपनी सैलरी संरचना को भी समझना जरूरी होगा। केवल कुल मासिक वेतन देखकर PF की पात्रता तय नहीं होती, बल्कि बेसिक सैलरी और लागू नियम महत्वपूर्ण होते हैं।₹25 हजार तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को अनिवार्य PF कवरेज में लाने का फैसला इसी आधार पर अहम माना जा रहा है।

रिटायरमेंट सेविंग को मिलेगा विस्तार
PF खाते में नियमित योगदान लंबे समय में रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करने में मदद करता है। नई सीमा के कारण ज्यादा कर्मचारियों के इस व्यवस्था से जुड़ने पर उनकी रिटायरमेंट सेविंग का आधार तैयार हो सकता है।सरकार का कहना है कि बदलाव से कर्मचारियों को बचत और पेंशन से जुड़े लाभों का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, हर कर्मचारी के लिए वास्तविक राशि उसके वेतन, योगदान और लागू नियमों के अनुसार अलग होगी।

अब आगे क्या होगा?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद नई सीमा को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी होगा कि ₹25 हजार की नई PF सीमा किस तारीख से प्रभावी होगी और योगदान की गणना किस तरीके से की जाएगी।फिलहाल इस फैसले का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि PF की अनिवार्य बेसिक सैलरी सीमा ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार कर दी गई है। सरकार के अनुमान के अनुसार इससे करीब 51 लाख कर्मचारियों को EPF बचत और EPS पेंशन कवरेज का लाभ मिल सकता है।

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