Bhopal Municipal Corporation Action: भोपाल (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संचालित होने वाले सभी निजी व सरकारी अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों के लिए नगर निगम ने एक बड़ी और कढ़ी चेतावनी जारी की है। भोपाल नगर निगम (BMC) अब शहर में बायो मेडिकल वेस्ट (Bio-Medical Waste) के गलत और गैर-जिम्मेदाराना निस्तारण पर बड़ा प्रहार करने जा रहा है। खुले में मेडिकल कचरा फेंकने या उसे शहर के सामान्य गीले-सूखे कचरे में मिलाने वाले स्वास्थ्य संस्थानों पर अब भारी-भरकम स्पॉट फाइन (Spot Fine) लगाया जाएगा।
नए नियम-2026: 20 हजार से बढ़कर ₹4.05 लाख हुआ जुर्माना
राजधानी की स्वच्छता और आम नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नवेली बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
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जुर्माने में भारी बढ़ोतरी: इससे पहले तक बायो मेडिकल वेस्ट का गलत निस्तारण करने वाले संस्थानों पर अधिकतम ₹20,000 तक की चालानी कार्रवाई का प्रावधान था। लेकिन नए नियमों के तहत अब यह जुर्माना राशि बढ़कर अधिकतम ₹4.05 लाख तक पहुंच सकती है।
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150 गुना दंड का प्रावधान: बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुसार, मेडिकल कचरे के नियमानुसार निस्तारण का निर्धारित शुल्क ₹2,700 प्रति टन है। यदि कोई अस्पताल या लैब इसे खुले में फेंकता है या सामान्य कचरे में मिलाता है, तो उस पर निर्धारित शुल्क का 150 गुना तक जुर्माना ठोका जाएगा।
शिकायतों के बाद एक्शन में नगर निगम प्रशासन
भोपाल के अलग-अलग आवासीय व व्यावसायिक इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अस्पताल और क्लीनिक अपने इस्तेमाल किए गए सिरिंज, पट्टियां, बोतलें और अन्य दूषित चिकित्सकीय कचरे को गुपचुप तरीके से खुले नालों, खाली भूखंडों या सामान्य कचरा गाड़ियों में फेंक रहे हैं।
इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने सभी जोनों के सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों (AHOs) और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
“सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”: निगम आयुक्त
मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्पष्ट किया है कि बायो मेडिकल वेस्ट का गलत निस्तारण न केवल पर्यावरण को दूषित करता है बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने और आम जनता व सफाई मित्रों के जीवन के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है।
उन्होंने कहा:
“चिकित्सीय कचरे के निस्तारण के लिए तय मानक प्रक्रियाओं का पालन करना सभी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अनिवार्य है। जो भी अस्पताल, क्लीनिक या जांच केंद्र बायो मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकते या सामान्य कचरे में मिलाते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नए नियमों के अनुसार बिना किसी रियायत के कड़ा जुर्माना लगाया जाएगा।”
नगर निगम की इस सख्त पहल के बाद अब राजधानी के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अपने बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए अधिकृत एजेंसियों और तय गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा, अन्यथा उन्हें भारी आर्थिक और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।




