Khaki Under Fire in Morena: मुरैना। मध्य प्रदेश के चंबल अंचल के मुरैना जिले से शासकीय सेवा में तैनात अधिकारियों की सुरक्षा और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करने वाली खबर सामने आई है। जिले के रामपुर कलां थाना क्षेत्र में सरकारी कर्तव्य पर तैनात विद्युत विभाग की टीम पर हमला करने वाले रसूखदार आरोपियों को पुलिस द्वारा कथित तौर पर संरक्षण देने का मामला प्रकाश में आया है।
विद्युत मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों का आरोप है कि रामपुर कलां थाना प्रभारी की मनमानी और ढीले रवैये के चलते, जूनियर इंजीनियर (JE) के साथ ऑन-ड्यूटी मारपीट करने वाले नामजद आरोपियों को बिना किसी ठोस दंडात्मक या वैधानिक कार्रवाई के थाने से ही रिहा कर दिया गया। इस घटना के बाद से समूचे विद्युत विभाग के अमले में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बकाया वसूली और ट्रांसफार्मर काटने गई टीम पर हुआ हमला
प्राप्त प्रामाणिक विवरण के अनुसार, यह पूरी घटना 16 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:30 बजे की है। रामपुर कलां विद्युत वितरण केंद्र में पदस्थ जूनियर इंजीनियर (JE) विवेक यादव अपने साथी तकनीकी कर्मचारियों के साथ ग्राम बेरखेड़ा में लंबे समय से लंबित बकाया राशि की वसूली करने और नियमानुसार बिजली ट्रांसफार्मर विच्छेद (काटने) की शासकीय कार्रवाई करने पहुंचे थे।
इसी दौरान शासकीय कार्य से नाराज होकर गांव के कुछ स्थानीय दबंगों ने पूरी टीम को घेर लिया और सरकारी काम में बाधा डालते हुए उन पर हमला बोल दिया।
मुरैना विद्युत कर्मी मारपीट मामला: मुख्य आरोपी एवं घटनाक्रम की जानकारी
| घटना का मुख्य बिंदु | पुलिस शिकायत एवं साक्ष्यों का विवरण |
| पीड़ित मुख्य अधिकारी | विवेक यादव, जूनियर इंजीनियर (JE), रामपुर कलां |
| घटना का स्थान और समय | ग्राम बेरखेड़ा (मुरैना), 16 जुलाई 2026, शाम 4:30 बजे |
| नामजद आरोपी | मातादीन बघेल, अरविंद बघेल, सुनील कुशवाह एवं अन्य साथी |
| किए गए अपराध | शासकीय कार्य में बाधा, गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी |
| विभागीय कार्रवाई | कर्मचारियों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन पर थाना रामपुर कलां की रिसीविंग सील (16/07/2026) |
गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकी
जेई विवेक यादव द्वारा रामपुर कलां थाने में सौंपे गए आधिकारिक शिकायती पत्र के मुताबिक, आरोपी मातादीन बघेल, अरविंद बघेल और सुनील कुशवाह ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बिजली विभाग की टीम के साथ न केवल अत्यंत अभद्र गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए सरेआम जमकर मारपीट भी की। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने ऑन-ड्यूटी शासकीय सेवकों को भविष्य में गांव आने पर जान से मारने की सीधी धमकी तक दे डाली।
पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल: कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति?
इस हिंसक वारदात के तुरंत बाद पीड़ित जेई विवेक यादव ने मौके पर मौजूद अपने साथी कर्मचारियों (शैलेंद्र शर्मा, शोहबत सिंह जादौन, रामकरन धाकड़, रुपेंद्र बाथम, दुर्गेश धाकड़) के हस्ताक्षरों के साथ रामपुर कलां थाना प्रभारी को विधिवत एफआईआर (FIR) दर्ज करने हेतु लिखित आवेदन दिया।
परंतु, शासकीय कर्मचारियों के साथ सरेराह मारपीट और राजकार्य में बाधा जैसे अजमानतीय व गंभीर मामले में भी रामपुर पुलिस का रवैया बेहद संदेहास्पद और लचर रहा। विभागीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने या उन्हें न्यायालय में पेश करने के बजाय, थाने लाकर औपचारिकता निभाई और कुछ ही समय बाद उन्हें आसानी से छोड़ दिया।
विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संघ का आधिकारिक बयान:
“अगर फील्ड में शासकीय कार्य कर रहे तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों को ही पुलिस प्रशासन सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकता, और सरेआम हमला करने वाले अपराधियों को इस तरह राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण देकर छोड़ दिया जाएगा, तो हमारे लिए फील्ड में निकलकर राजस्व वसूली करना या काम करना पूरी तरह नामुमकिन हो जाएगा। इस लचर व्यवस्था के खिलाफ हम एकजुट हैं और यदि वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेकर थाना प्रभारी व आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की, तो पूरे जिले में बिजली बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा।”







