Indore Drugs Case: इंदौर में ड्रग्स-सट्टा-भूमाफिया सिंडिकेट की जांच में बड़ा खुलासा डॉक्टर ने खोली सुमित मंत्री की पोल, पूछताछ की भनक लगते ही थाने से फरार हुआ कॉलोनाइजर

Anuj Nirala

Indore Drugs Case: इंदौर। बहुचर्चित ड्रग्स, ऑनलाइन सट्टा और भूमाफिया सिंडिकेट मामले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। शुक्रवार को इस मामले में उस समय बड़ा मोड़ आ गया, जब कथित तौर पर आरोपी कॉलोनाइजर सुमित मंत्री को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉ. दीपक बंसल से पुलिस ने घंटों पूछताछ की। पूछताछ के दौरान डॉक्टर ने दावा किया कि उन्होंने केवल सामान्य बीमारी के आधार पर आराम की सलाह दी थी, लेकिन सुमित मंत्री ने उस मेडिकल सर्टिफिकेट का पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए गलत इस्तेमाल किया।

इधर, जैसे ही सुमित मंत्री को यह जानकारी मिली कि पुलिस डॉक्टर से उसके मेडिकल प्रमाण पत्र को लेकर सख्त पूछताछ कर रही है, वह राजेंद्र नगर थाने से चुपचाप निकलकर फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं।

डॉक्टर का दावा- ‘सिर्फ इलाज के लिए दिया था सर्टिफिकेट’

Indore Drugs Case: राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम डॉ. दीपक बंसल को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने उनसे सवाल किया कि आखिर उन्होंने जांच के दौरान आरोपी को पांच दिन के बेड रेस्ट का प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी किया।

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पूछताछ में डॉ. बंसल ने बताया कि सुमित मंत्री उनके पास गले में संक्रमण और तेज बुखार की शिकायत लेकर आया था। चिकित्सकीय जांच के बाद उसे सामान्य रूप से पांच दिन आराम करने की सलाह दी गई थी। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस मेडिकल सर्टिफिकेट का उपयोग किसी न्यायिक या पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए नहीं किया जाए, लेकिन आरोपी ने उनकी सलाह की अनदेखी करते हुए इसका गलत इस्तेमाल किया।

पूछताछ की भनक लगते ही थाने से भागा सुमित मंत्री

Indore Drugs Case: पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को सुमित मंत्री अपनी विभिन्न फर्मों के दस्तावेज और शुभम वैली कॉलोनी से जुड़े रिकॉर्ड लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचा था। इसी दौरान उसे पता चला कि अंदर डॉक्टर से उसके मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर पूछताछ चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ देर इंतजार करने के बाद वह बिना किसी को बताए वहां से निकल गया। जब पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो उसकी तलाश शुरू कर दी गई। फिलहाल संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

374 प्लॉट और पांच फर्मों की वित्तीय जांच तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें सुमित मंत्री और उसके पिता कल्याण मंत्री से जुड़ी शुभम वैली कॉलोनी के 374 प्लॉटों, पांच फर्मों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं।जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कॉलोनी के प्लॉटों की खरीद-फरोख्त में कहीं फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी या अवैध आर्थिक लेन-देन तो नहीं हुआ। इसी कॉलोनी से जुड़े एक मामले में महिला के साथ कथित धोखाधड़ी की भी जांच जारी है।

ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर भी पुलिस का शिकंजा

Indore Drugs Case: उधर, ड्रग्स मामले के मुख्य आरोपी संजय कौशल उर्फ रॉनी भाई की रिमांड बढ़ने के बाद उसके मोबाइल फोन से संचालित ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।पुलिस ने इस मामले में प्रितेश त्रिपाठी समेत एक और सटोरिए को गिरफ्तार किया है। वहीं संजीव जैन, दिनेश चौहान सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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डीसीपी बोले- सबूत मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

Indore Drugs Case: डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि ड्रग्स, ऑनलाइन सट्टा, अवैध जमीन कारोबार और आर्थिक लेन-देन के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिले तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पुलिस को गुमराह करने या जांच में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फरार कॉलोनाइजर सुमित मंत्री की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।फिलहाल इंदौर का यह हाई-प्रोफाइल ड्रग्स, सट्टा और भूमाफिया सिंडिकेट मामला लगातार नए खुलासे कर रहा है। हर दिन सामने आ रहे तथ्यों से जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है और पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।

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