Adani Group Subcontractor Theft: सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की बंधौरा पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट परिसर में हुई लाखों रुपये की चोरी का महज कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर उसके घर से पुलिस ने चोरी गया करीब 3.50 लाख रुपये मूल्य का पूरा माल बरामद कर लिया है, जिसमें भारी मात्रा में कॉपर केबल, एल्यूमीनियम केबल, सीलिंग वायर और सेफ्टी बेल्ट शामिल हैं।
विशेष अभियान के तहत पुलिस को मिली सफलता
सिंगरौली जिले में हाल के दिनों में बढ़ी चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शियाज़ के. एम. के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसडीओपी सिंगरौली रोशनी कुर्मी के सुपरविजन और माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा के नेतृत्व में बंधौरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप नामदेव की एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने मुखबिर तंत्र की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की।
कंपनी परिसर से उड़ाया था कीमती सामान
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, यह चोरी बीते 17 जून 2026 को हुई थी। बंधौरा क्षेत्र में स्थापित अडानी समूह के अंतर्गत विद्युत और तकनीकी कार्य करने वाली एजेंसी ‘फिराज इंजीनियरिंग लिमिटेड’ के प्लांट परिसर को आरोपी ने निशाना बनाया था। आरोपी ने सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर अलग-अलग समय पर प्लांट के भीतर से लगभग 100 मीटर कीमती कॉपर केबल, 90 मीटर एल्यूमीनियम केबल, सीलिंग वायर और सुरक्षा उपकरण के तौर पर इस्तेमाल होने वाली सेफ्टी बेल्ट पार कर दी थी। कंपनी प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी।
आरोपी के घर से बरामद हुआ शत-प्रतिशत माल:
संदेह के आधार पर और तकनीकी इनपुट्स की मदद से पुलिस टीम ने बबलू प्रसाद जायसवाल (उम्र 32 वर्ष), निवासी कर्सुआलाल (चौकी बंधौरा, थाना माड़ा) को हिरासत में लिया। शुरुआत में आनाकानी करने के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर पर दबिश देकर छुपाकर रखी गई शत-प्रतिशत केबल और अन्य उपकरण बरामद कर जप्त कर लिए।
नए कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज
बंधौरा पुलिस ने आरोपी बबलू प्रसाद जायसवाल के विरुद्ध नए दंडात्मक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अपराध पंजीकृत किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को वैधानिक कागजी कार्रवाई पूरी कर स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस चोरी में प्लांट के किसी अंदरूनी सुरक्षाकर्मी या अन्य किसी सहयोगी की भूमिका तो नहीं थी। इस त्वरित और सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी संदीप नामदेव, एएसआई राजवर्धन सिंह, प्रधान आरक्षक राकेश विश्वकर्मा और आरक्षक दिलीप धाकड़, अनीश सिंह, रामराजा व शिवेंद्र सिंह की सराहनीय भूमिका रही।







