Tuesday, September 1, 2026
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Panna Court Verdict: महिला मजदूर से दुष्कर्म: काम के बहाने स्टोर रूम बुलाकर की थी दरिंदगी, पन्ना की विशेष अदालत ने ठेकेदार को सुनाई 10 साल की कठोर सजा

Panna Court Verdict: पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से न्याय और महिला सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। यहाँ की एक विशेष अदालत ने कानून की ताकत को एक बार फिर रेखांकित करते हुए अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। अदालत ने शासकीय बिल्डिंग निर्माण कार्य के दौरान एक बेबस महिला मजदूर के साथ कार्यस्थल पर दुष्कर्म करने वाले ठेकेदार को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास (सश्रम कैद) की सजा सुनाई है। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो काम के सिलसिले में महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाने का दुस्साहस करते हैं।

स्टोर रूम में बुलाकर की थी दरिंदगी

यह संवेदनशील और घिनौना मामला पन्ना जिले के पवई कस्बा क्षेत्र का है। यहाँ एक सरकारी भवन का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें आरोपी राजगीर उर्फ राजू महतो काम की देखरेख और ठेकेदारी का जिम्मा संभाल रहा था। घटना वाले दिन आरोपी ने साइट पर काम कर रही पीड़िता को रस्सा लाने के बहाने निर्माण परिसर में ही बने एक स्टोर रूम में बुलाया। जैसे ही महिला स्टोर रूम के भीतर दाखिल हुई, आरोपी ने बदनीयती से दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

पीड़िता की हिम्मत और पुलिस की मुस्तैदी से मिला न्याय

इस खौफनाक वारदात के बाद भी पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और लोक-लाज के डर से चुप बैठने के बजाय कानून का रास्ता चुना। उसने उसी दिन सीधे पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित और मुस्तैद जांच की, आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज कर मामला अदालत के सुपुर्द किया।

विशेष अदालत ने धाराओं के तहत दी सजा:

अदालत में सुनवाई के दौरान शासकीय अभियोजक श्रीराम यादव ने पीड़िता का पक्ष बेहद मजबूती और तार्किक ढंग से रखा। गवाहों के बयानों और पुलिस के पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुशवाहा के न्यायालय ने आरोपी को गंभीर अपराध का दोषी पाया। अदालत ने दोषी राजू महतो को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) के तहत 10 वर्ष की सश्रम कैद और धारा 127(2) के तहत 3 महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।

कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा के लिए नजीर बनेगा फैसला

शासकीय अभियोजक की मजबूत पैरवी और अदालत के इस त्वरित फैसले ने यह साबित कर दिया है कि समाज के सबसे कमजोर तबके की सुरक्षा के लिए भी कानून पूरी मुस्तैदी से खड़ा है। कार्यस्थल पर महिला मजदूरों के साथ होने वाले शोषण और अपराधों के मामलों में यह सख्त सजा एक नजीर की तरह काम करेगी, जो अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने और पीड़ित महिलाओं में न्याय के प्रति विश्वास जगाने में मददगार साबित होगी।

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