GSTAT Raipur Bench: रायपुर। छत्तीसगढ़ के करदाताओं, व्यापारियों, टैक्स वकीलों, विभागीय अधिकारियों और अधिकृत प्रतिनिधियों के लिए लंबे समय के इंतजार के बाद एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) की रायपुर स्टेट बेंच आगामी 27 जुलाई से टैक्स से जुड़े विवादित मामलों की नियमित सुनवाई शुरू करने जा रही है। ट्रिब्यूनल के एक्टिव होने से राज्य के भीतर लंबे समय से लंबित पड़े बड़े जीएसटी विवादों और अपीलों का त्वरित निपटारा हो सकेगा।
नवा रायपुर के जीएसटी भवन में लगेगा अस्थायी कोर्ट
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रिब्यूनल की सुनवाई अभी इसके अस्थायी परिसर (Temporary Campus) से संचालित की जाएगी। इसके लिए नॉर्थ B-ब्लॉक, सेक्टर 19, वाणिज्यिक कर- GST भवन, नवा रायपुर (अटल नगर) में आवश्यक प्रशासनिक और बुनियादी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्थायी भवन के निर्माण या अंतिम चयन तक इसी परिसर से न्यायिक और अर्ध-न्यायिक कामकाज संभाला जाएगा।
सोमवार से शुक्रवार तक होगी मामलों की लिस्टिंग; पोर्टल पर दिखेगी ‘कॉज़ लिस्ट’
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) के केंद्रीय अध्यक्ष द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, रायपुर बेंच में सभी श्रेणियों के टैक्स मामलों (जैसे इनपुट टैक्स क्रेडिट विवाद, टैक्स पेनल्टी और क्लासिफिकेशन से जुड़ी अपीलें) को साप्ताहिक कार्यदिवसों यानी सोमवार से शुक्रवार तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध (List) किया जाएगा।
बेंच के सामने रोजाना पेश होने वाले मामलों की दैनिक कार्य सूची (Daily Cause List) को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखा गया है। हितधारक इस सूची को GSTAT के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर “कॉज़ लिस्ट” (Cause List) टैब के अंतर्गत आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
नियमित पोर्टल चेक करने की अपील:
ट्रिब्यूनल प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी करते हुए सभी संबंधित हितधारकों, कर सलाहकारों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs), वकीलों और करदाताओं से विशेष अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि वे अपने-अपने मामलों की ताजा कानूनी स्थिति, तारीखों, नोटिस और केस ट्रांसफर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेब पोर्टल को चेक करते रहें, ताकि तय समय पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
टैक्स लिटिगेशन और विवादों के समाधान में आएगी तेजी
रायपुर में GSTAT की इस बेंच के विधिवत शुरू होने से छत्तीसगढ़ के व्यापारिक जगत को एक बहुत बड़ा लीगल फोरम मिल गया है। इससे पहले टैक्सपेयर्स को अपीलीय आदेशों के खिलाफ अपील करने या राहत पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती थी या अन्य उच्च मंचों का रुख करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही सोमवार से शुक्रवार तक नियमित सुनवाई होने से न केवल व्यापारियों और करदाताओं के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि सरकार के राजस्व से जुड़े मामलों का भी पारदर्शी और त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।







