Raisen Protest: रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। गुरुवार को बड़ी संख्या में आम नागरिकों के साथ हिंदू और मुस्लिम संगठनों ने एकजुट होकर बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसके बाद बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं। लोगों ने स्मार्ट मीटर हटाने, बिजली बिलों की समीक्षा करने और अतिरिक्त वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
बिजली बिलों को लेकर निकाली गई आक्रोश रैली
प्रदर्शन से पहले शहर में एक शांतिपूर्ण आक्रोश रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “स्मार्ट मीटर हटाओ”, “बिजली हमारा अधिकार है” और “बढ़े हुए बिल वापस लो” जैसे नारे लगाते हुए बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे।
इस आंदोलन में हिंदू और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के अलावा व्यापारी, सामाजिक संगठन, महिलाएं, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं को लेकर किया गया है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई गुना बढ़े बिजली बिल
Raisen Protest: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उनके बिजली बिल 3 हजार से 7 हजार रुपये तक आने लगे हैं। कई परिवारों ने दावा किया कि पहले जहां सामान्य बिजली बिल आता था, अब उसी खपत पर कई गुना अधिक राशि का बिल भेजा जा रहा है।
लोगों का कहना है कि बढ़ते बिजली बिलों ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाला है। महंगाई के दौर में इतने अधिक बिजली बिल भरना आम उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल होता जा रहा है।
बिना अनुमति मीटर बदलने का आरोप
Raisen Protest: प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग पर आरोप लगाया कि जांच और निरीक्षण के नाम पर कर्मचारी घरों में पहुंचकर बिना स्पष्ट सहमति के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं।उपभोक्ताओं ने मांग की कि जब तक स्मार्ट मीटर प्रणाली को लेकर लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं होता, तब तक मीटर बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिजली कंपनी के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं—
- बिना सहमति लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाए जाएं।
- बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष समीक्षा कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
- अतिरिक्त शुल्क और बकाया वसूली वापस ली जाए।
- उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए विशेष जांच कराई जाए।
- भविष्य में किसी भी उपभोक्ता का मीटर बदलने से पहले उसकी सहमति सुनिश्चित की जाए।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
Raisen Protest: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि बिजली उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।फिलहाल प्रदर्शन के बाद बिजली विभाग ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। अब उपभोक्ताओं की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और बिजली कंपनी उनकी शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाती है।







