CG News: 36 करोड़ की सड़क पर तालाब की मिट्टी! राजिम में विकास या बड़ा खेल? जानिए पूरा मामला

Rajim Road Construction Controversy: राजिम सड़क निर्माण विवाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। छत्तीसगढ़ के धार्मिक नगर राजिम में करोड़ों रुपये की सड़क परियोजना और तालाब सौंदर्यीकरण कार्य के बीच हुए समन्वय पर कई सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नगर पालिका ने शीतला तालाब से निकली मिट्टी सड़क निर्माण कर रही एजेंसी को दे दी, जबकि दोनों परियोजनाओं के लिए अलग-अलग तकनीकी नियम और मानक तय किए गए हैं।

राजिम सड़क निर्माण विवाद के बीच जानकारी सामने आई है कि शीतला तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए करीब 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पुराने मेला स्थल से नए मेला स्थल तक करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 36 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। दोनों काम अलग-अलग विभागों के तहत चल रहे हैं, लेकिन तालाब की मिट्टी सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने से सवाल उठने लगे हैं।

पालिका ने क्या दिया तर्क?
राजिम सड़क निर्माण विवाद पर नगर पालिका का कहना है कि यह फैसला जनप्रतिनिधियों की सहमति से लिया गया। पालिका के अनुसार तालाब को अधिक गहरा करने के लिए अलग से बजट उपलब्ध नहीं था। ऐसे में मिट्टी हटाने से तालाब का गहरीकरण भी हो गया और बदले में सड़क निर्माण करने वाली कंपनी तालाब के आसपास अन्य निर्माण कार्य भी करेगी।पालिका का दावा है कि इस व्यवस्था से सरकारी धन की बचत हुई और दोनों परियोजनाओं को फायदा मिला।

सड़क निर्माण में मिट्टी की गुणवत्ता पर उठे सवाल
राजिम सड़क निर्माण विवाद में सबसे बड़ा सवाल सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई मिट्टी की गुणवत्ता को लेकर उठ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए सामान्य मिट्टी नहीं, बल्कि तय तकनीकी मानकों वाली चयनित मिट्टी (Selected Soil) का उपयोग किया जाता है।बताया जा रहा है कि सड़क के अर्थवर्क में तालाब से निकली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जबकि इस मिट्टी के लंबे समय तक पानी में रहने के कारण इसकी मजबूती और स्थिरता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
Read more: CG News: रायपुर में आज निकलेगी भव्य जगन्नाथ रथयात्रा, सवा किलो सोने की झाड़ू से होगा महाप्रभु का स्वागत

क्या कहते हैं तकनीकी मानक?
राजिम सड़क निर्माण विवाद के बीच इंजीनियरिंग मानकों की भी चर्चा हो रही है। सड़क निर्माण में ऐसी मिट्टी का उपयोग किया जाता है जिसकी वहन क्षमता बेहतर हो, जिसमें अधिक नमी या जैविक तत्व न हों और जो लंबे समय तक सड़क को मजबूत बनाए रख सके।तकनीकी जानकारों का कहना है कि यदि मानकों के अनुरूप मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता है तो भविष्य में सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

बारिश में दिखने लगे असर के दावे
राजिम सड़क निर्माण विवाद के बीच स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि हाल की बारिश के बाद सड़क के कुछ हिस्सों में मिट्टी का कटाव दिखाई दिया है। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गुणवत्ता परीक्षण और तकनीकी जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नियमों और पारदर्शिता पर उठे सवाल
राजिम सड़क निर्माण विवाद ने अब प्रशासनिक प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता को लेकर भी बहस छेड़ दी है। एक पक्ष इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष नियमों और निर्माण गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगा रहा है।अब इस पूरे मामले में लोगों की नजर संबंधित विभागों की तकनीकी जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय होने की संभावना भी जताई जा रही है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

raipur-gold-shop-robbery-arrest:लक्ष्य ज्वेलर्स चोरी केस: डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने दबोचे आरोपी

raipur-gold-shop-robbery-arrest: राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories