MP News: टीकमगढ़ में गरीबों के राशन पर बवाल! गेहूं की बोरी से निकलीं जानवर की हड्डियां, दुकान सील, जांच शुरू

Tikamgarh Ration Wheat Controversy: टीकमगढ़ राशन गेहूं विवाद ने सरकारी राशन व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के नन्ही टेहरी गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण के दौरान गेहूं की पहली बोरी खोलते ही उसमें कथित तौर पर किसी जानवर के सिर और पैरों की हड्डियां मिलने का दावा किया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने राशन लेने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही खाद्य विभाग ने दुकान को सील कर वितरण रोक दिया।

टीकमगढ़ राशन गेहूं विवाद सोमवार को उस समय सामने आया जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गेहूं बांटना शुरू किया गया। जैसे ही पहली बोरी खोली गई, उसमें कथित तौर पर हड्डियां दिखाई देने का दावा किया गया। यह देखते ही वहां मौजूद हितग्राहियों में नाराजगी फैल गई।ग्रामीणों ने तुरंत राशन वितरण रुकवाया और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

खाद्य विभाग ने तुरंत रोका वितरण
टीकमगढ़ राशन गेहूं विवाद की सूचना मिलने पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अन्य बोरियों की भी जांच कराई। प्रारंभिक जांच में बाकी बोरियों में ऐसी कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे स्टॉक का वितरण रोक दिया गया।इसके बाद उचित मूल्य दुकान को सील कर दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
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कहां से आया था गेहूं?
टीकमगढ़ राशन गेहूं विवाद की जांच में सामने आया कि दुकान पर करीब 163 क्विंटल गेहूं वितरण के लिए भेजा गया था। विभाग के अनुसार यह खेप विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से आई थी। बोरी पर खरीदी केंद्र के रूप में सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज है।अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कथित हड्डियां बोरी तक कैसे पहुंचीं और यह लापरवाही किस स्तर पर हुई।

पूरी खेप वापस भेजने का फैसला
टीकमगढ़ राशन गेहूं विवाद के बाद खाद्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए पूरे गेहूं के स्टॉक को वापस भेजने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पुराने स्टॉक की जगह नया गेहूं भेजा जाएगा ताकि हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानी न हो।साथ ही गुणवत्ता और पैकिंग प्रक्रिया की भी जांच की जाएगी।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
टीकमगढ़ राशन गेहूं विवाद कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले में खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। दमोह से आई 6,265 बोरियों में कीड़े, घुन, मिट्टी, नमी, बदबू और खराब दाने मिलने के कारण करीब 3,132 क्विंटल गेहूं वापस लौटाया गया था।लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सरकारी खरीद, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच रिपोर्ट का इंतजार
टीकमगढ़ राशन गेहूं विवाद में अब विभागीय जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कथित हड्डियां पैकिंग के दौरान बोरी में पहुंचीं या फिर सप्लाई चेन के किसी अन्य चरण में यह गड़बड़ी हुई।फिलहाल प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद ही नया गेहूं वितरित किया जाएगा। वहीं, मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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