Tuesday, August 25, 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट में घमासान! चंपत राय-अनिल मिश्रा के बीच ना कोई बात-ना मुलाकात, विवाद ने पकड़ा तूल

Ram Janmabhoomi Donation Theft Case: राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला अब केवल जांच तक सीमित नहीं रह गया है। इस प्रकरण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर भी मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, निवर्तमान महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के बीच इस मामले को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के भीतर जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों का दावा है कि आरोप-प्रत्यारोप के बीच चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के बीच सामान्य संवाद भी काफी कम हो गया है। यह भी कहा जा रहा है कि मामले के सामने आने के बाद दोनों की मुलाकात नहीं हुई। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय ने दो पत्र जारी कर रखा पक्ष
राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला को लेकर 7 जुलाई को चंपत राय ने दो अलग-अलग पत्र जारी किए। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस विषय पर मौन हैं और विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद क्रमवार सभी आरोपों का जवाब देंगे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर रामचरितमानस की चौपाई “धीरज, धर्म, मित्र अरु नारी, आपद काल परखिए चारी” साझा करते हुए अपना पक्ष भी सार्वजनिक किया।

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला: SOP और MOU पर उठाए सवाल
राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला से जुड़े अपने दूसरे पत्र में चंपत राय ने चढ़ावा गणना प्रक्रिया से संबंधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और MOU को लेकर कई सवाल उठाए। उनके अनुसार यह समझौता ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक गोविंद मिश्रा के बीच हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस समझौते की जानकारी नहीं थी और चोरी की राशि बरामद होने के बाद 13 जून को यह दस्तावेज उन्हें उपलब्ध कराया गया।
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राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला: हस्ताक्षर नहीं होने पर भी उठाए सवाल
राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला में चंपत राय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि संबंधित MOU पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्रस्ट के अन्य महत्वपूर्ण समझौतों पर उनके हस्ताक्षर होते रहे हैं, तो इस दस्तावेज में उन्हें शामिल क्यों नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि उस समय वे अयोध्या में मौजूद नहीं थे, तो दस्तावेज पर हस्ताक्षर के लिए इंतजार किया जाना चाहिए था।

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला: कोषाध्यक्ष के बयान से भी बढ़ी चर्चा
राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला के बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज का बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि दानपात्रों की जिम्मेदारी डॉ. अनिल मिश्रा के पास थी और उससे जुड़े सवाल उन्हीं से पूछे जाने चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि दान की राशि कोष में जमा होने से पहले उसकी जिम्मेदारी उनके पास नहीं होती।

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला: अभी तक नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामला को लेकर सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट के भीतर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं जारी हैं। वहीं, डॉ. अनिल मिश्रा की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पूरे मामले की जांच जारी है और अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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