Kavirdham Paddy Scam: कबीरधाम (कवर्धा): छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में सरकारी धान उपार्जन केंद्रों से बड़े पैमाने पर धान गायब होने के बहुचर्चित कथित धान घोटाले (Paddy Procurement Scam) की जांच पुलिस ने बेहद तेज कर दी है। इस महाघोटाले की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस की विशेष टीमों ने आरोपियों के घरों और कार्यालयों में ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को पुलिस ने जिले के लोहारा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी गंगादास मानिकपुरी के निजी आवास और कार्यालय पर एक साथ छापामार कार्रवाई की।
इस हाई-प्रोफाइल तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को भारी सफलता हाथ लगी है। केंद्र प्रभारी के ठिकाने से पुलिस ने 16 लाख रुपये की नगद राशि (Cash), कई बैंकों की पासबुक, महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और दफ्तर में इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर जब्त किया है। इन सभी सामग्रियों को साक्ष्य (Evidence) के तौर पर केस डायरी में शामिल कर लिया गया है।
धान गायब होने के मामले में अब तक 6 FIR, कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस
कबीरधाम जिले के विभिन्न धान सोसायटियों और उपार्जन केंद्रों से सरकारी रिकॉर्ड के मिलान में धान कम पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
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दर्ज हुए मामले: पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, धान के अवैध उठाव और हेरफेर को लेकर अब तक अलग-अलग थानों में 6 प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं।
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दस्तावेजों की स्क्रूटनी: लोहारा केंद्र प्रभारी गंगादास मानिकपुरी के दफ्तर से जब्त कंप्यूटर और फाइलों की फोरेंसिक व तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गायब धान को किन राइस मिलरों या बिचौलियों के ठिकाने पर खपाया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश, पूरे जिले में हड़कंप
पुलिस का सख्त रुख: कबीरधाम पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित वित्तीय अपराध है। इस घोटाले में शामिल अन्य नामजद आरोपियों, जिनमें कई विपणन (Marketing) और उपार्जन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं, उनके घरों और दफ्तरों में भी आने वाले दिनों में ऐसी ही कुर्की और सर्चिंग की कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में इस घोटाले से जुड़े कई मुख्य आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों और अंतर-जिला सीमाओं पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त तकनीकी और दस्तावेजी सबूत मिल चुके हैं, जिसके आधार पर जल्द ही इस मामले में कई बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिलेंगी। पुलिस की इस बैक-टू-बैक कार्रवाई से कबीरधाम जिले के धान उपार्जन और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े भ्रष्ट तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।







