MP Politics: इंदौर। मध्यप्रदेश की राजनीति में कांग्रेस छोड़ चुके पूर्व नेता राकेश यादव के बयान ने नई सियासी बहस छेड़ दी है। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद राकेश यादव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक खुला पत्र लिखकर पार्टी की कार्यशैली, नेतृत्व और पिछले कई वर्षों की राजनीतिक रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना ठोस तथ्यों के आरोप लगाने की राजनीति कर रही है, जिससे उसकी विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोपों पर उठाए सवाल
MP Politics: अपने पत्र में राकेश यादव ने लिखा कि वर्ष 2013 से 2026 के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ कई बड़े आरोप लगाए, लेकिन उनमें से अधिकांश आरोप कभी साबित नहीं हो सके। उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी और राफेल सौदे जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी इन मामलों में ठोस प्रमाण जनता के सामने रखने में असफल रही। उन्होंने यह भी कहा कि राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई हुई, लेकिन आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
MSP और जातीय जनगणना की राजनीति पर भी निशाना
MP Politics: राकेश यादव ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों को भी पार्टी ने प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। उनका आरोप है कि कांग्रेस इन विषयों पर स्पष्ट रणनीति और मजबूत नेतृत्व के साथ आगे नहीं बढ़ सकी।
प्रदेश नेतृत्व पर भी साधा निशाना
MP Politics: पूर्व कांग्रेस नेता ने अपने पत्र में मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और विधायक चिंटू चौकसे पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में वास्तविक नेतृत्व समाप्त हो चुका है और फैसले लेने की क्षमता कमजोर पड़ गई है।
“कांग्रेस जीत की राजनीति भूल चुकी है”
MP Politics: राकेश यादव ने कहा कि कांग्रेस अब जीत हासिल करने की रणनीति बनाने के बजाय केवल विरोध की राजनीति तक सीमित रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी झूठे आरोपों के सहारे राजनीति कर रही है, जिसके कारण उसे कई बार कानूनी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब एक प्रभावी राजनीतिक दल की बजाय एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) जैसी कार्यशैली अपनाती दिखाई दे रही है।
राहुल गांधी पर अंधभक्ति को बढ़ावा देने का आरोप
MP Politics: अपने पत्र में राकेश यादव ने राहुल गांधी पर पार्टी के भीतर अंधभक्ति की संस्कृति को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग अलग राय रखते हैं, उन्हें महत्व नहीं दिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें भाजपा के कार्यकर्ता “अंधभक्त” नहीं, बल्कि “देशभक्त” अधिक नजर आने लगे हैं।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा
MP Politics: राकेश यादव के इस खुले पत्र के सामने आने के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से इस पत्र पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे प्रदेश की सियासत में एक नए विवाद की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।







