World Sickle Cell Day 2026: खंडवा। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान शुक्रवार को खंडवा जिले के पवित्र तीर्थस्थल ओंकारेश्वर में आयोजित विश्व सिकलसेल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत लगाई गई विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सिकलसेल रोग के उन्मूलन के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
World Sickle Cell Day 2026: इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सिकलसेल मिशन से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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राष्ट्रपति ने जाना सिकलसेल उन्मूलन मिशन का रोडमैप
World Sickle Cell Day 2026: प्रदर्शनी के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत संचालित गतिविधियों, नवाचारों और जनजागरूकता अभियानों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए सिकलसेल रोग की रोकथाम, समय पर पहचान, उपचार और प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी ली।
World Sickle Cell Day 2026: राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्क्रीनिंग, जेनेटिक काउंसिलिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म की दी जानकारी
World Sickle Cell Day 2026: चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में सिकलसेल रोग की पहचान, उपचार, परामर्श और बचाव संबंधी उपायों को प्रदर्शित किया गया।
World Sickle Cell Day 2026: अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि मिशन के तहत व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान, जेनेटिक काउंसिलिंग, निःशुल्क उपचार व्यवस्था, सिकलसेल मोबाइल एप, डिजिटल पोर्टल और वर्ष 2047 तक रोग उन्मूलन की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली
World Sickle Cell Day 2026: जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल में जनजातीय अंचलों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट, स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसूचित जाति राहत योजनाओं और अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
World Sickle Cell Day 2026: राष्ट्रपति ने विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि सिकलसेल जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद आवश्यक है।
लाड़ली बहना योजना सहित महिला कल्याण योजनाओं का भी लिया जायजा
World Sickle Cell Day 2026: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, वन स्टॉप सेंटर, पोषण आहार कार्यक्रम, महिला हेल्पलाइन-181 और महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई।
World Sickle Cell Day 2026: राष्ट्रपति ने महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सिकलसेल मित्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से किया संवाद
World Sickle Cell Day 2026: प्रदर्शनी के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, सिकलसेल मित्रों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया।
World Sickle Cell Day 2026: उन्होंने मिशन से जुड़े स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि सिकलसेल उन्मूलन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार, समाज और स्वास्थ्य तंत्र का सामूहिक प्रयास बेहद महत्वपूर्ण है।
World Sickle Cell Day 2026: इस दौरान राष्ट्रपति ने सिकलसेल मिशन-2047 से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के साथ समूह छायाचित्र (ग्रुप फोटो) भी खिंचवाया।
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क्या है सिकलसेल रोग?
World Sickle Cell Day 2026: कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया कि सिकलसेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में जीन के माध्यम से पहुंचता है।
World Sickle Cell Day 2026: इस बीमारी में लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य गोल आकार की बजाय हंसिए (Sickle) के आकार की हो जाती हैं। इन असामान्य कोशिकाओं के कारण शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है और रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा हो सकती है, जिससे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
2047 तक सिकलसेल मुक्त भारत का लक्ष्य
World Sickle Cell Day 2026: भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार संयुक्त रूप से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत व्यापक स्तर पर जांच, उपचार, जागरूकता और परामर्श कार्यक्रम चला रही हैं।
World Sickle Cell Day 2026: इस मिशन का उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को सिकलसेल रोग से मुक्त बनाना है। ओंकारेश्वर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने और जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
World Sickle Cell Day 2026: विश्व सिकलसेल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता, जनभागीदारी और सिकलसेल मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।









