Gharghoda Fraud: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। रायगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र घरघोड़ा में फाइनेंस के नाम पर एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। टीवीएस फाइनेंस कंपनी का फर्जी एजेंट बनकर शातिर ठगों ने एक स्थानीय व्यापारी को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने पीड़ित को दुकान के लिए डीप फ्रीजर दिलाने के नाम पर साठ हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित व्यापारी ने इस जालसाजी की लिखित शिकायत घरघोड़ा थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय दिलाने और अपनी गाढ़ी कमाई वापस कराने की गुहार लगाई है। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में रोष व्याप्त है और उन्होंने फर्जी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य बिंदु: डीप फ्रीजर दिलाने का दिया झांसा
प्राप्त शिकायत के अनुसार यह पूरा मामला घरघोड़ा के वार्ड नंबर 13 का है। बस स्टैंड पर दुकान संचालित करने वाले श्यामलाल हलवाई को अपने व्यवसाय के लिए एक नए डीप फ्रीजर की सख्त आवश्यकता थी। इसी बात का फायदा उठाकर भेंड्रा चौक निवासी नितेश गुप्ता ने पीड़ित से संपर्क साधा। उसने खुद को टीवीएस फाइनेंस कंपनी का अधिकृत एजेंट बताया। आरोपी ने बेहद कम ब्याज दर पर फ्रीजर का फाइनेंस कराने का झांसा दिया। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने फाइनेंस की प्रक्रिया शुरू करने की सहमति दे दी। इसके बाद आरोपी ने फाइल चार्ज और एडवांस किस्त के नाम पर पैसे ऐंठने का खेल शुरू कर दिया।
घटना का तरीका: ऑनलाइन और नगद माध्यम से ली रकम
शातिर आरोपी ने पीड़ित व्यापारी से दो किस्तों में फोन-पे के माध्यम से कुल बीस हजार रुपये की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली। उसने पहली किस्त के रूप में 31 अगस्त 2025 को छह हजार रुपये लिए। इसके बाद दूसरी किस्त के नाम पर 09 सितंबर 2025 को चौदह हजार रुपये दोबारा वसूल किए। रकम लेने के बाद जब आरोपी नितेश गुप्ता फ्रीजर देने में आना-कानी करने लगा, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। खुद को फंसता देख नितेश ने अपने भाई रितेश गुप्ता को इस विवाद के बीच में ला खड़ा किया। रितेश ने फाइनेंस में कुछ तकनीकी दिक्कत होने की बात कही और तुरंत फ्रीजर दिलाने का एक नया जाल बुना। उसने मई 2026 में पीड़ित से चालीस हजार रुपये नगद वसूल कर लिए।
ठगी का खुलासा: महीनों बीतने के बाद खुली पोल
महीनों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब पीड़ित व्यापारी को न तो डीप फ्रीजर मिला और न ही उसके पैसे वापस किए गए, तो उसे ठगी का एहसास हुआ। दोनों भाई कुल साठ हजार रुपये की इस सुनियोजित ठगी को अंजाम देकर दुकान से गायब रहने लगे। पीड़ित ने जब उनके घर जाकर संपर्क किया, तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया। इसके विपरीत वे पीड़ित को ही अंजाम भुगतने की धमकी देने लें। इसके बाद थक-हारकर पीड़ित श्यामलाल हलवाई ने थाने की शरण ली। इस धोखाधड़ी ने स्थानीय स्तर पर फाइनेंस के नाम पर चल रहे फर्जी नेटवर्क की पोल खोलकर रख दी है।
आरोपियों का बैकग्राउंड: अपराधियों का पुराना इतिहास
शिकायत पत्र में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पीड़ित के अनुसार दोनों आरोपी नितेश गुप्ता और रितेश गुप्ता शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। उनके खिलाफ पूर्व में भी इलाके के अन्य लोगों से आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी करने के कई प्रकरण लंबित होने की जानकारी मिली है। वे भोले-भले दुकानदारों को लोन और फाइनेंस का झांसा देकर अपना शिकार बनाते हैं। यही कारण है कि इस बार पीड़ित ने उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया है ताकि अन्य लोग इस जालसाजी से बच सकें।
थाने में शिकायत: पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजरें
घरघोड़ा थाना प्रभारी ने शिकायत पत्र प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सबसे पहले बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पीड़ित व्यापारी श्यामलाल हलवाई ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके अलावा स्थानीय व्यापारिक संगठन भी पीड़ित के समर्थन में आ गए हैं। अब देखना यह है कि स्थानीय पुलिस इन आदतन जालसाजों पर कब और क्या एक्शन लेती है। बहरहाल, इस घटना ने क्षेत्र के छोटे व्यापारियों को बेहद सतर्क कर दिया है।









