Revenue Department: रायगढ़ में भूमि विवाद: बाकारुमा-लैलूंगा सड़क निर्माण प्रोजेक्ट अटका, राजपुर में आज भारी तनाव के बीच होगा सीमांकन

VIKASH KHALKHO

Revenue Department: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिले के बहुचर्चित ‘बाकारुमा-लैलूंगा सड़क निर्माण’ प्रोजेक्ट में जमीन का पेंच अब एक बेहद नाजुक और तनावपूर्ण मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। राजपुर गांव की बेशकीमती और विवादित भूमि को लेकर कई महीनों से चल रही रस्साकशी का फैसला आज होने जा रहा है। तहसीलदार लैलूंगा के आदेश के बाद अंततः राजस्व निरीक्षक ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप प्रशासनिक अमले और पक्षकारों के बीच हलचल काफी तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी दांव-पेंच भी पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं, जिसके लिए दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी कमर कस ली है। आज का दिन राजपुर के विकास और स्थानीय जमीन मालिकों के लिए बेहद अहम होने वाला है।

क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ा तनाव

विवाद का मुख्य केंद्र राजपुर स्थित खसरा नंबर 380/6 है, जिसका कुल रकबा 0.676 हेक्टेयर दर्ज है। यह जमीन मुख्य मार्ग से सटी होने के कारण बेहद कीमती मानी जा रही है। इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आवेदक राकेश कुमार के सामने केवल कुछ व्यक्ति नहीं हैं। राजस्व रिकॉर्ड में ‘समस्त ग्रामवासी राजपुर’ को पक्षकार बनाया गया है। इसके अलावा सिद्धार्थ, मुकेश, सोमेश और देवमती जैसे कई रसूखदार नाम भी इस लंबी सूची में शामिल हैं। यही कारण है कि सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आने वाली इस जमीन पर सबका मालिकाना हक का दावा उलझ गया है। प्रशासन को अंदेशा है कि जरा सी चूक इलाके की कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकती है।

पत्रकार महासंघ और मीडिया की पैनी नजर

इस पूरे भूमि विवाद और सड़क निर्माण परियोजना पर मीडिया और सामाजिक संगठनों की गहरी नजर बनी हुई है। राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रदेश सचिव खुद इस मामले की पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकारों की टीम भी राजपुर गांव में कैंप कर रही है। मीडिया की इस सक्रियता के कारण स्थानीय प्रशासन भारी दबाव में महसूस कर रहा है। कोई भी अधिकारी इस समय कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ बच रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सड़क निर्माण और भूमि अधिग्रहण में किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही तुरंत बड़ी सुर्खियां बन जाएगी। परिणामस्वरूप पारदर्शिता बनाए रखना अब राजस्व विभाग के अधिकारियों की पहली प्राथमिकता बन चुकी है।

कानूनी चुनौती की तैयारी और वकीलों की फौज

सूत्रों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस सीमांकन को लेकर कानूनी फौज पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही है। दोनों ही पक्षों ने रायगढ़ और लैलूंगा के नामचीन वकीलों को इस काम के लिए काम पर लगाया है। यदि आज राजस्व विभाग की कार्रवाई में जरा भी पारदर्शिता की कमी दिखी, तो यह मामला सीधे कोर्ट पहुंच जाएगा। इसके विपरीत ग्रामीण भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लामबंद हो चुके हैं। वकीलों ने सभी पुराने भू-अभिलेखों और नक्शों की जांच पहले ही पूरी कर ली है। वे अधिकारियों की हर एक गतिविधि और नापजोख के तरीकों पर कानूनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए तैयार बैठे हैं। इस वजह से सीमांकन की प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

आज सुबह की कार्रवाई और प्रशासन की परीक्षा

राजस्व निरीक्षक ने राजपुर सर्कल के सभी संबंधित पक्षों, पटवारी और कोटवार को सख्त निर्देश जारी किए थे। उन्हें अपने-अपने भूमि संबंधी मूल अभिलेखों के साथ मौके पर उपस्थित रहने को कहा गया था। आज राजपुर के उस 0.676 हेक्टेयर जमीन के टुकड़े पर सिर्फ फीता नहीं नापा जाएगा। इसके विपरीत यह तय होगा कि बाकारुमा-लैलूंगा सड़क के रास्ते में आ रही इस जमीन का असली हकदार कौन है। शासन के लिए शांतिपूर्ण तरीके से इस सीमांकन को निपटाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। हाईवे निर्माण की गति अब पूरी तरह से आज की इस कार्रवाई की सफलता पर निर्भर करती है। अंततः देखना होगा कि राजस्व विभाग इस संवेदनशील गुत्थी को कितनी समझदारी से सुलझा पाता है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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