रायपुर: भीषण और तपती गर्मी से परेशान राजधानी के लोगों के लिए आज राहत भरी खबर आई है। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज अब पूरी तरह बदल गया है। रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। इसके परिणामस्वरूप शहर के कई वीआईपी इलाकों में दोपहर से ही झमाझम बारिश का दौर जारी है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड के ऊपर एक मजबूत चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हो गया है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक जाने वाली द्रोणिका की वजह से हवा में नमी लगातार बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसी मौसमी तंत्र के कारण राज्य में अचानक तेज हवाओं के साथ बादल छाए हैं।
तेज अंधड़ और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले संकट को देखते हुए रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
प्रशासन ने इस संबंध में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। हालांकि इस मानसूनी हलचल के बाद शहर के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके विपरीत पिछले कुछ दिनों से यहां का पारा 41 से 43 डिग्री के आसपास बना हुआ था।
सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर जाएगा। इसके साथ ही कृषि विभाग ने किसानों को भी खरीफ फसलों की तैयारी शुरू करने की सलाह दी है। बिजली विभाग ने आंधी के दौरान सुरक्षा के लिहाज से चुनिंदा इलाकों में कटौती की योजना बनाई है।
अंततः मौसम विभाग ने जनता से अपील की है कि तेज आंधी के दौरान पक्के मकानों या वाहनों में ही शरण लें। किसी भी हाल में पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। बहरहाल, इस पहली मानसूनी फुहार ने राजधानी वासियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है।








