Raigarh Abacus Champion: दस मिनट में दो सौ सवाल हल, शिवरीनारायण-राहौद की नौ वर्षीय रिद्धांशी बनी स्टेट अबेकस चैंपियन

VIKASH KHALKHO

Raigarh Abacus Champion: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जहां बड़े-बड़े लोग कैलकुलेटर के बिना रोजमर्रा का हिसाब लगाने में उलझ जाते हैं, वहीं शिवरीनारायण-राहौद की महज नौ वर्षीय प्रतिभाशाली बालिका रिद्धांशी साहू ने अपनी तेज दिमागी क्षमता से सबको हैरान कर दिया है। कक्षा तीसरी में अध्ययनरत रिद्धांशी ने स्टेट लेवल अबेकस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया है। इसके परिणामस्वरूप उसने लिस्निंग कम्पीटिशन में फर्स्ट रनर-अप और विजुअल कम्पीटिशन में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। रायगढ़ के अग्रोहा धाम में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उसकी तेज रफ्तार और सटीक जवाबों ने सभी को बेहद प्रभावित किया।

असाधारण गणना क्षमता का किया प्रदर्शन

रिद्धांशी ने प्रतियोगिता के दौरान केवल दस मिनट में गणित के दो सौ कठिन प्रश्न हल कर अपनी असाधारण गणना क्षमता का प्रदर्शन किया। उसने ऑनलाइन अबेकस क्लास की शिक्षिका रेणुका शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी। शुरुआत में वह सामान्य बच्चों की तरह गणित विषय में एक बेहद औसत छात्रा थी। इसके अलावा लगातार कठिन अभ्यास और विशेष अबेकस ट्रेनिंग के बाद आज वह अपनी उम्र से बड़ी कक्षाओं के बच्चों को भी गणित में कड़ी टक्कर दे रही है। यही कारण है कि उसकी इस अद्भुत प्रतिभा की चर्चा आज पूरे जिले में हो रही है।

माता-पिता ने जताई अपनी खुशी

रिद्धांशी के पिता विश्वा साहू और माता रिंकी साहू इस बड़ी सफलता से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि अब उनकी छोटी बेटी के लिए गणित का विषय बिल्कुल बाएं हाथ का खेल बन चुका है। वे बताते हैं कि जहां आम लोग छोटे-छोटे हिसाब के लिए भी कैलकुलेटर पर निर्भर रहते हैं, वहीं रिद्धांशी कठिन स्पीड मैथ्स के सवाल भी चुटकियों में मौखिक हल कर देती है। हालांकि इस मुकाम तक पहुँचने के लिए बच्ची ने रोज कई घंटे नियमित अभ्यास किया है। अंततः उसकी यह मेहनत आज एक बड़ी और प्रेरणादायक कामयाबी के रूप में सबके सामने आई है।

ब्रेन डेवलपमेंट के लिए जरूरी है अबेकस

अबेकस प्रशिक्षक के अनुसार यह विशेष प्रशिक्षण छह से तेरह वर्ष तक के बच्चों के लिए आयोजित होता है। इसमें सप्ताह में दो दिन ऑनलाइन माध्यम से क्लास ली जाती है। कुल नौ अलग-अलग स्टेप में बच्चों को मैथ्स, ब्रेन डेवलपमेंट, फ्लैश कार्ड एक्टिविटी और लिस्निंग-राइटिंग स्किल्स की गहन ट्रेनिंग दी जाती है। इस आधुनिक तकनीक से बच्चों के मन से गणित का डर पूरी तरह खत्म हो जाता है। इसके विपरीत उनकी सुनने और समझने की क्षमता सामान्य बच्चों से कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि अबेकस सीखने वाले बच्चे पढ़ाई में अधिक तेज और आत्मविश्वासी बनते हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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