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MP हाई कोर्ट की बड़ी पहल! सार्वजनिक नहीं होंगे यौन अपराधों के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य

MP Electronic Evidence Rules 2026: एमपी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियम 2026 को लेकर मध्य प्रदेश में न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी चल रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से जुड़े नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा और गोपनीयता को मजबूत करना है।

एमपी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियम 2026 के तहत यौन अपराध से जुड़े मामलों में पेश किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सार्वजनिक पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। इससे पीड़ितों की पहचान और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

व्हाट्सएप चैट और वीडियो सबूतों को लेकर राहत
एमपी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियम 2026 में डिजिटल सबूतों को अदालत में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रस्ताव है। यदि किसी मामले में व्हाट्सएप चैट, वीडियो, ऑडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सबूत के रूप में पेश किया जाता है, तो हर स्थिति में मोबाइल फोन जब्त करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे पक्षकारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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हाई कोर्ट ने तैयार किया नया ड्राफ्ट
एमपी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियम 2026 का ड्राफ्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा तैयार किया गया है। इसे राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और तकनीक के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

देश का पहला राज्य बन सकता है मध्य प्रदेश
एमपी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियम 2026 को लेकर दावा किया जा रहा है कि इस तरह का विस्तृत ड्राफ्ट लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन सकता है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की पहल पर देशभर में डिजिटल साक्ष्यों के प्रबंधन को लेकर काम चल रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश ने इस दिशा में तेजी दिखाई है।

डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा होगी मजबूत
एमपी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियम 2026 का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की सुरक्षा, प्रामाणिकता और गोपनीयता बनाए रखना है। डिजिटल युग में अदालतों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में इनके सुरक्षित प्रबंधन के लिए स्पष्ट नियमों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

न्यायिक प्रक्रिया होगी अधिक आधुनिक
एमपी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियम 2026 लागू होने के बाद अदालतों में डिजिटल सबूतों के उपयोग की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकती है। इससे न केवल पक्षकारों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि संवेदनशील मामलों में गोपनीयता की रक्षा भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

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