Devbhog Milk Price Hike: देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी ने छत्तीसगढ़ के लाखों उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका दिया है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के फैसले के बाद प्रदेश में देवभोग और गोरस दूध की कीमतों में वृद्धि कर दी गई है। देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी का असर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत कई शहरों में देखने को मिलेगा, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस ब्रांड का दूध खरीदते हैं।
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी के तहत अब उपभोक्ताओं को प्रति लीटर दूध के लिए पहले से अधिक भुगतान करना होगा। पहले 57 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला देवभोग दूध अब 59 रुपये प्रति लीटर मिलेगा।वहीं गोरस दूध की कीमत भी बढ़कर 58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। नई दरें लागू होने के बाद दूध खरीदने वाले परिवारों के मासिक खर्च में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
मध्यम वर्गीय परिवारों पर बढ़ेगा असर
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्गीय और रोजाना दूध उपयोग करने वाले परिवारों पर पड़ सकता है। दूध बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक खानपान का जरूरी हिस्सा है। ऐसे में कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।रायपुर और आसपास के शहरी क्षेत्रों में देवभोग दूध की अच्छी मांग है। यही कारण है कि कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी।
आखिर क्यों बढ़े दूध के दाम?
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी के पीछे उत्पादन और संचालन लागत में लगातार बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। डेयरी क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पशु आहार, बिजली, डीजल, परिवहन और पैकेजिंग सामग्री की लागत पिछले कुछ समय में काफी बढ़ी है।इन बढ़ती लागतों के कारण डेयरी कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। इसी को देखते हुए कीमतों में संशोधन किया गया है।
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गर्मी का मौसम भी बना वजह
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी को मौसम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कई पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता कम हो जाती है।एक तरफ उत्पादन प्रभावित होता है, जबकि दूसरी तरफ शहरों में दूध की मांग लगातार बनी रहती है। मांग और आपूर्ति के इस अंतर का असर कीमतों पर पड़ता है।
चाय, मिठाई और होटल कारोबार पर असर
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहेगा। चाय दुकानदार, मिठाई कारोबारी, रेस्टोरेंट संचालक और छोटे फूड व्यवसाय भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।रोजाना बड़ी मात्रा में दूध इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों की लागत बढ़ेगी। ऐसे में कई व्यवसाय अपने उत्पादों की कीमतों में बदलाव कर सकते हैं।
गृहिणियों की बढ़ी चिंता
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी के बाद गृहिणियों की चिंता भी बढ़ गई है। पहले से ही रसोई गैस, सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम ऊंचे बने हुए हैं।अब दूध महंगा होने से मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। खासतौर पर छोटे बच्चों वाले परिवारों के लिए यह खर्च और अधिक महसूस होगा।
क्या अन्य डेयरी उत्पाद भी होंगे महंगे?
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी के बाद बाजार में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि आने वाले समय में दही, पनीर, घी और मक्खन जैसी डेयरी वस्तुओं की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्पादन लागत में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो डेयरी उद्योग को कीमतों में और संशोधन करना पड़ सकता है।
मांग पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर
देवभोग दूध कीमत बढ़ोतरी के बावजूद डेयरी क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि मांग में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी। देवभोग छत्तीसगढ़ का एक भरोसेमंद ब्रांड माना जाता है और उपभोक्ताओं का इस पर विश्वास बना हुआ है।हालांकि उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर टिकी रहेगी कि आने वाले महीनों में दूध की कीमतें स्थिर रहती हैं या फिर महंगाई का यह दौर आगे भी जारी रहता है।









