Bilaspur Police Workshop: बिलासपुर आईजी राम गोपाल गर्ग की अनूठी पहल, पुलिस विवेचकों को मिले त्रुटिहीन जांच के खास कानूनी गुर

VIKASH KHALKHO

Bilaspur Police Workshop: गौरी शंकर गुप्ता/बिलासपुर: पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में गंभीर अपराधों की विवेचना को त्रुटिहीन बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। न्यायालयों में अपराधियों को सजा दिलाने का प्रतिशत (Conviction Rate) बढ़ाने के उद्देश्य से आज ‘मरणासन्न कथन’ (Dying Declaration) विषय पर रेंज स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। “मरणासन्न कथन, कानूनी प्रक्रिया, सावधानियां और विवेचकों के लिए दिशा-निर्देश” पर आधारित इस एक दिवसीय कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

साक्ष्यों का सही संकलन है जरूरी

कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपराध विवेचना के दौरान पीड़ित का मृत्यु पूर्व कथन और डीएनए जैसे भौतिक साक्ष्यों का सही संकलन अपराधियों को सजा दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है। अक्सर प्रक्रियाओं में होने वाली छोटी सी मानवीय त्रुटि का सीधा लाभ आरोपियों को मिल जाता है। यही कारण है कि इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की इन कमियों को पूरी तरह दूर करना है।

डॉक्टर के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता

इसके अलावा कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता और शासकीय अधिवक्ता श्री रजनीकांत ठाकुर ने मरणासन्न कथन की प्रामाणिकता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 की धारा 26 के तहत मृत्युकालिक कथन एक बेहद ठोस साक्ष्य माना जाता है। उन्होंने विवेचकों को कड़े निर्देश दिए कि बयान दर्ज करने से पहले और बाद में डॉक्टर से पीड़ित के मानसिक रूप से स्वस्थ (Fit State of Mind) होने का प्रमाणपत्र लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

चालान पेश करते समय रखें सावधानी

सत्र के दौरान अभियोजन अधिकारियों ने विवेचकों को चालान पेश करते समय कॉपी-पेस्ट की आदत से बचने की सलाह दी। इसके साथ ही एफएसएल (FSL) रिपोर्ट में रक्त समूह का मिलान अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में एक विशेष प्रश्नोत्तर काल रखा गया, जिससे बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से जुड़े लगभग 200 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान प्राप्त किया। अंततः, मुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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