Nautapa 2026: नई दिल्ली। देश के अधिकांश हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के बीच अब साल का सबसे तपता और कष्टदायक दौर शुरू होने जा रहा है। आगामी 25 मई 2026 से ‘नौतपा’ का आगाज हो रहा है, जो 2 जून तक चलेगा। ज्योतिषीय और मौसम वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार, इन नौ दिनों में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम होने और सौर विकिरण के चरम पर होने के कारण इसे साल का सबसे गर्म समय माना जाता है। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि नौतपा के दौरान दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील और खतरनाक रहेगा। इस दौरान बिना किसी अनिवार्य कार्य के सीधे कड़कती धूप में निकलना आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
तेज धूप से शरीर को हो सकते हैं ये बड़े नुकसान; जान पर भी आ सकती है आफत
चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, नौतपा के दौरान चलने वाली अत्यधिक गर्म हवाएं और उच्च तापमान मानव शरीर के ‘थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम’ (तापमान नियंत्रण प्रणाली) को पूरी तरह ठप कर सकते हैं। इस दौरान होने वाले मुख्य नुकसान निम्नलिखित हैं:
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हीटस्ट्रोक (लू लगना): जब कोई व्यक्ति लगातार तेज धूप में रहता है, तो शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यदि समय पर शरीर को ठंडक और पानी न मिले, तो व्यक्ति हीटस्ट्रोक का शिकार हो जाता है। इसके लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी होना और अचानक बेहोश हो जाना शामिल है। गंभीर स्थितियों में यह मल्टी-ऑर्गन फेलियर का कारण भी बन सकता है।
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गंभीर डिहाइड्रेशन: अत्यधिक पसीना बहने के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स (सोडियम, पोटेशियम) की भारी कमी हो जाती है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन (क्रैम्प्स) और अत्यधिक कमजोरी महसूस होने लगती है।
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थकान और बेहोशी: गर्मी के सीधे प्रभाव से ब्लड प्रेशर अचानक लो हो जाता है, जिससे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है और व्यक्ति चक्कर खाकर गिर सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले मजदूरों पर पड़ता है।

आपातकालीन स्थिति में क्या करें?
डॉक्टरों का कहना है कि यदि धूप में रहने के दौरान किसी व्यक्ति को अत्यधिक चक्कर आएं, त्वचा बहुत गर्म और लाल हो जाए, या वह बेहोश होने लगे, तो उसे तुरंत किसी छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। उसके कपड़ों को ढीला करें और शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें। होश में होने पर उसे तुरंत ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी या सादा पानी घूंट-घूंट करके पिलाएं और जल्द से जल्द नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
नौतपा में खुद को महफूज रखने के लिए एक्सपर्ट्स के 5 अचूक उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान, अनुशासित दिनचर्या और थोड़ी सी सावधानी बरतकर नौतपा के इस खौफनाक प्रकोप को काफी हद तक कम किया जा सकता है:
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खाली पेट बाहर न निकलें: घर से कभी भी खाली पेट बाहर न कदम रखें। खाली पेट धूप में जाने से गर्म हवाएं (लू) शरीर पर बहुत तेजी से हमला करती हैं।
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देसी हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स का सेवन: शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए फ्रिज के अत्यधिक ठंडे पानी के बजाय मिट्टी के घड़े (मटके) का पानी पिएं। इसके अलावा डाइट में तरबूज, खीरा, खरबूजा, दही और छाछ को अनिवार्य रूप से शामिल करें। नारियल पानी, नींबू पानी, बेल का शरबत और कच्चे आम का पन्ना इसके लिए सबसे बेहतरीन सुरक्षा कवच हैं।

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पहनावे में बदलाव: नौतपा के दौरान हमेशा हल्के रंग के, ढीले और सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें ताकि शरीर में हवा का वेंटिलेशन बना रहे और पसीना आसानी से सूख सके।
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सुरक्षा उपकरणों का उपयोग: धूप में निकलते समय अपने सिर और चेहरे को सूती कपड़े या गमछे से अच्छी तरह ढकें। धूप का चश्मा (सनग्लासेस), टोपी और छाते का उपयोग जरूर करें।
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मसालेदार भोजन से परहेज: इस दौरान ऑयली (तले-भुने) और अत्यधिक मसालेदार भोजन से पूरी तरह दूरी बना लें, क्योंकि ऐसा खाना शरीर की अंदरूनी गर्मी और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को बिगाड़ देता है। दोपहर के समय भारी शारीरिक श्रम या कसरत करने से भी बचें।









