Saturday, August 22, 2026
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CG Administrative Action: बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा का बड़ा एक्शन: जनगणना कार्य में लापरवाही पर दो सहायक शिक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित

### स्टेट GST की बड़ी कार्रवाई: 10 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी में स्टील कारोबारी गिरफ्तार दुर्ग। राज्य कर (स्टेट GST) विभाग ने टैक्स चोरी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए स्टील कारोबारी विजय यादव को गिरफ्तार किया है। कारोबारी पर करीब 10 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी का आरोप है। फिलहाल उससे रायपुर स्थित स्टेट GST मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, विजय यादव आयरन और स्टील स्क्रैप के कारोबार से जुड़ा है। उसका कारोबार रायपुर, दुर्ग समेत प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, स्टेट GST विभाग को लंबे समय से कारोबारी द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी किए जाने की सूचना मिल रही थी। प्रारंभिक जांच और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद विभाग की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए उतई क्षेत्र से विजय यादव को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान टैक्स चोरी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

CG Administrative Action: बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन की एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। देश के अति-महत्वपूर्ण और समयबद्ध राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘भारत की जनगणना 2027’ के प्रारंभिक दौर के कार्यों में घोर लापरवाही, उदासीनता और शासकीय आदेशों की अवहेलना करने के मामले में जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा के कड़े निर्देश पर दो प्रगणकों (सहायक शिक्षकों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त न करने के प्रशासनिक रुख से जिले के शासकीय अमले में हड़कंप मच गया है।

मकान सूचीकरण और गणना के प्रथम चरण की ड्यूटी से चल रहे थे नदारद

जिला कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत वर्तमान में ‘मकान सूचीकरण’ (हाउस लिस्टिंग) एवं ‘मकानों की गणना’ का कार्य सुदूर ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इस समयबद्ध और अत्यंत संवेदनशील कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विकासखंड सिमगा के अंतर्गत आने वाली शासकीय प्राथमिक शाला ‘तुलसी’ में पदस्थ सहायक शिक्षक अशोक वर्मा तथा विकासखंड कसडोल के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला ‘आमगांव’ में कार्यरत सहायक शिक्षक राधेश्याम दीवान की ड्यूटी ‘प्रगणक’ (इन्यूमरेटर) के रूप में लगाई गई थी। दोनों ही कर्मचारियों द्वारा अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में जनगणना के कार्य की शुरुआत न करने और फील्ड से लगातार नदारद रहने की शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों को मिल रही थीं।

स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देना पड़ा महंगा; सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत गिरी गाज

जनगणना जैसे महाभियान में कार्य की गति प्रभावित होने और प्रगणक कार्य में लगातार लापरवाही बरते जाने को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया। इसके बाद जिला जनगणना अधिकारी सह जिला कार्यालय के माध्यम से दोनों ही सहायक शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी कर समय सीमा में जवाब मांगा गया था। लेकिन संबंधित प्रगणकों द्वारा तय समय के भीतर उक्त स्पष्टीकरण का कोई भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसे प्रशासनिक स्तर पर घोर अनुशासनहीनता माना गया।

जिला प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय स्तर के कार्य में गंभीर उदासीनता, शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर उपेक्षा और अक्षम्य कदाचार की श्रेणी में मानते हुए ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965’ के नियम 3 तथा ‘जनगणना अधिनियम 1948’ की धारा 5 एवं 11 के कड़े प्रावधानों के तहत दोनों प्रगणकों को दोषी पाया और निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।

निलंबन अवधि में बदला गया मुख्यालय; मिलेगा केवल जीवन निर्वाह भत्ता

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के आदेशानुसार, निलंबन की इस अवधि के दौरान दोनों सहायक शिक्षकों के मुख्यालयों में भी तब्दीली कर दी गई है। निलंबित सहायक शिक्षक अशोक वर्मा का नया मुख्यालय ‘कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) बलौदाबाजार’ नियत किया गया है। वहीं, कसडोल ब्लॉक के निलंबित सहायक शिक्षक राधेश्याम दीवान का नया मुख्यालय ‘कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) भाटापारा’ तय किया गया है। निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान दोनों ही प्रगणकों को छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के अंतर्गत केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और नोडल अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही, लेटलतीफी या अनुपस्थिति पाए जाने पर सीधे विभागीय जांच संस्थित कर सेवा समाप्ति तक की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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