Sunday, August 23, 2026
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Twisha Sharma Case: वकीलों ने दी जांच में सहयोग की दलील; दिल्ली एम्स की टीम द्वारा दूसरे पोस्टमार्टम और सीबीआई जांच पर टिकी नजरें

Twisha Sharma Case: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित और हाईप्रोफाइल मॉडल ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। 10 दिनों से फरार चल रहे और ₹30,000 के इनामी आरोपी पति समर्थ सिंह को शनिवार (23 मई 2026) को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भोपाल जिला अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और पुलिस के तर्कों को स्वीकार करते हुए मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को 7 दिनों की पुलिस रिमांड (अभिरक्षा) पर सौंप दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी के विदेश भागने की आशंकाओं को खत्म करने के लिए उसका पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से जब्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

भारी गहमागहमी के बीच पिछले दरवाजे से कोर्ट में हुई पेशी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को जबलपुर जिला कोर्ट में नाटकीय ढंग से सरेंडर करने के बाद जबलपुर पुलिस ने आरोपी समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस की विशेष टीम के हवाले कर दिया था। भोपाल पुलिस शनिवार सुबह उसे लेकर राजधानी पहुंची। कोर्ट में पेश करने से पहले कानूनी प्रोटोकॉल के तहत समर्थ सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल के जेपी (JP) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उसकी सघन मेडिकल जांच की। मेडिकल क्लीयरेंस मिलने के बाद पुलिस सुरक्षा कारणों और वकीलों के संभावित विरोध को देखते हुए आरोपी समर्थ को कोर्ट परिसर के पिछले दरवाजे से सीधे न्यायाधीश के कक्ष में लेकर पहुंची, जहां उसे रिमांड पर लिया गया।

परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल— ‘इनामी बदमाश सीधे कोर्ट रूम तक कैसे पहुंचा?’

दूसरी ओर, ट्विशा शर्मा के परिजनों ने इस पूरी सरेंडर और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। मृतका के जीजा सौरभ शर्मा ने मीडिया से बातचीत में तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि जिस शख्स पर पुलिस ने ₹30 हजार का भारी-भरकम इनाम घोषित कर रखा था और जिसके खिलाफ देश के सभी एयरपोर्ट्स पर ‘लुक आउट नोटिस’ जारी था, वह शख्स आखिर पुलिस की नाक के नीचे से बचकर सीधे कोर्ट रूम के भीतर तक कैसे दाखिल हो गया? समर्थ को थाने जाकर आत्मसमर्पण करना चाहिए था, लेकिन उसका सीधे कोर्ट पहुंचना पुलिस के खुफिया तंत्र पर कई सवाल खड़े करता है। वहीं ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने भी स्थानीय पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शुरुआत में कार्रवाई काफी देरी से हुई, लेकिन उन्हें अब न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

12 मई की रात ससुराल की छत पर मिली थी लाश, वकील बोले— जांच में करेंगे सहयोग

उल्लेखनीय है कि देश की जानी-मानी मॉडल ट्विशा शर्मा बीती 12 मई 2026 की रात भोपाल के पॉश इलाके कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। ससुराल पक्ष के अनुसार, उन्हें रात करीब 10:26 बजे घर की छत पर लोहे के एंगल में लगी रस्सी के फंदे से लटका हुआ पाया गया था। इसके अगले दिन यानी 13 मई को एम्स (AIIMS) भोपाल के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में ट्विशा का पहला पोस्टमार्टम हुआ था, जिसकी प्राथमिक रिपोर्ट में मौत की वजह ‘अस्फीक्सिया ड्यू टू हैंगिंग’ यानी फांसी लगाने के कारण दम घुटना बताई गई थी। हालांकि, शनिवार को भोपाल कोर्ट में सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह के वकालती पैनल ने अदालत को भरोसा दिलाया कि उनका मुवक्किल बेकसूर है और वह पुलिस की हर वैज्ञानिक व व्यावहारिक जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है।

दिल्ली एम्स का री-पोस्टमार्टम और सीबीआई (CBI) की कमान पर टिकी नजरें

ट्विशा शर्मा सुसाइड केस अब पूरी तरह से स्थानीय पुलिस के हाथों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की फॉरेंसिक और जांच टीमों के पास पहुंच चुका है। हाल ही में न्यायपालिका द्वारा दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले के तहत दिल्ली एम्स के सीनियर फॉरेंसिक डॉक्टर्स की एक विशेष टीम भोपाल आ रही है, जो भोपाल एम्स के डीप फ्रीजर (शून्य से नीचे 4 डिग्री सेल्सियस) में पिछले 10 दिनों से सुरक्षित रखी गई ट्विशा की बॉडी का ‘सेकंड पोस्टमार्टम’ (दोबारा शव परीक्षण) करेगी। परिजनों को उम्मीद है कि इस दूसरे पोस्टमार्टम से मौत के असली समय और शरीर पर मौजूद चोटों के निशान का सही खुलासा हो सकेगा। इसके साथ ही देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने भी केस की केस डायरी का अध्ययन शुरू कर दिया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 7 दिनों की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी समर्थ सिंह की निशानदेही पर कई चौंकाने वाले राज बेनकाब होंगे।

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