Operation Ankush: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध जुआ और सट्टा के कारोबारियों के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन ने अपनी रीढ़ तोड़ू कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के कड़े दिशा-निर्देशन में जिले भर में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन अंकुश” के तहत पूंजीपथरा थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा रैकेट के मुख्य फरार खाईवाल रामफल अग्रवाल को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस चौतरफा कड़ाई और धरपकड़ के डर से क्षेत्र के सटोरियों में हड़कंप मचा हुआ है।
गेरवानी की बर्तन दुकान में मोबाइल से सजती थी सट्टे की महफिल
यह पूरा मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेरवानी का है। बीते 11 मई 2026 को पूंजीपथरा पुलिस और जिला साइबर थाना की संयुक्त टीम ने एक सटीक मुखबिर की सूचना पर ग्राम गेरवानी में स्थित एक बर्तन दुकान में अचानक दबिश दी थी। पुलिस की इस औचक छापेमारी में दुकान के भीतर मोबाइल फोन के माध्यम से सजीव (लाइव) क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाते हुए दो सटोरियों— श्याम कुमार अग्रवाल और सुरेश अग्रवाल को रंगे हाथ दबोचा गया था।
उस समय पुलिस ने मुख्य आरोपी श्याम कुमार अग्रवाल के पास से सट्टे में इस्तेमाल किए जा रहे 3 महंगे स्मार्टफोन और ₹17,000 नगद जब्त किए थे, जबकि उसके साथी सुरेश अग्रवाल के कब्जे से 1 मोबाइल और ₹1,400 नगद बरामद किए गए थे।
कड़ाई से पूछताछ में खुला खाईवाल का राज, मौके से हो गया था फरार
पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ पूंजीपथरा थाने में अपराध क्रमांक 107/2026 दर्ज कर ‘छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022’ की धारा 4 और 7 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई थी। जब पुलिस और साइबर टीम ने इन दोनों सटोरियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
आरोपियों ने कबूल किया कि वे तो सिर्फ मोहरे हैं, जबकि सट्टे के इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड और खाईवाल ग्राम गेरवानी का ही रहने वाला रामफल अग्रवाल है। आरोपियों ने बताया कि दिनभर के सट्टे से होने वाली लाखों रुपए की अवैध कमाई को वे नगद और डिजिटल ट्रांजैक्शन (गूगल पे/फोन पे) के माध्यम से सीधे रामफल अग्रवाल तक पहुंचाते थे। 11 मई को जब पुलिस ने बर्तन दुकान में छापा मारा, तो रामफल पुलिस की गाड़ी देखकर मौके से भागने में सफल हो गया था।
12 दिनों की लुका-छिपी के बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे, भेजा गया जेल
फरार खाईवाल की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी के निर्देश पर पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। एएसआई उमाशंकर विश्वाल और हमराह स्टाफ लगातार आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहे थे। आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 22 मई 2026 को पुलिस टीम ने फरार खाईवाल रामफल अग्रवाल (पिता अशोक अग्रवाल, उम्र 46 वर्ष, निवासी गेरवानी) को उसके एक गुप्त ठिकाने से धरदबोचा। शनिवार 23 मई को कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी रामफल को रायगढ़ न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायाधीश ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए।
एसएसपी शशि मोहन सिंह की दोटूक— अपराधियों के लिए रायगढ़ में कोई जगह नहीं
इस बड़ी सफलता के बाद रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट और कड़ा संदेश जारी किया है। एसएसपी ने कहा कि “ऑपरेशन अंकुश” केवल दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जिले से सट्टा, जुआ, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह जमींदोज करना है। उन्होंने सटोरियों को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो वे इस काले कारोबार से पूरी तरह तौबा कर लें या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें। कप्तान ने साफ किया कि सट्टा खेलने वालों के साथ-साथ उनके बैक-एंड कड़ियों (खाईवालों) और उन्हें शरण देने वालों पर भी बिना किसी राजनीतिक या सामाजिक दबाव के राष्ट्रीय और प्रांतीय कानूनों के तहत कड़ा प्रहार जारी रहेगा।









