Sunday, August 23, 2026
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Chhattisgarh Heat wave: धमतरी बना ‘भट्ठी’: बिना आग और तेल के फर्श पर बनी अंडे की भुर्जी, सिके पापड़

Chhattisgarh Heat wave: धमतरी/रायपुर। छत्तीसगढ़ में नौतपा के आगाज से ठीक पहले ही भीषण गर्मी और जानलेवा लू ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में कुदरत का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिल रहा है जिसे देखकर लोग हैरान और सहमे हुए हैं। धमतरी जिले में तो तपिश का आलम यह है कि खुली धूप में रखी रेत पर बिना आग और तेल के ही पापड़ सिक रहे हैं, जबकि सीमेंट के गर्म फर्श पर अंडा डालते ही उसकी भुर्जी बनकर तैयार हो जा रही है। इस चौंकाने वाले नजारे ने लोगों को भीषण गर्मी की भयावहता का अहसास करा दिया है। इधर, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने आगामी 48 घंटों के लिए राज्य के 18 जिलों में तीव्र ‘हीटवेव’ (लू) का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को बेहद सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

धमतरी में पारा 45 डिग्री के पार, दोपहर में लग रहा अघोषित कर्फ्यू

भौगोलिक रूप से धान के कटोरे के नाम से मशहूर धमतरी जिला इस समय मानों भट्ठी की तरह सुलग रहा है। जिले में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं के कारण दोपहर 12:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में ऐसा सन्नाटा पसर जाता है, मानो किसी संगठन ने बंद का आह्वान किया हो या अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया हो। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी झुलसाने वाली गर्मी पहले कभी महसूस नहीं की। गर्मी से बचने के लिए लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।

इन 18 जिलों में अगले 48 घंटे तक ‘लू’ का तांडव, तापमान और बढ़ने के आसार

मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से आ रही सूखी गर्म हवाओं के चलते अगले 24 से 48 घंटों में तापमान में और अधिक इजाफा होने की आशंका है। विभाग ने जिन प्रमुख जिलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है, उनमें राजधानी रायपुर, न्यायधानी बिलासपुर, औद्योगिक नगरी दुर्ग, रायगढ़ और मुंगेली सबसे ज्यादा संवेदनशील जोन में हैं। इसके अलावा बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा), राजनांदगांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, ऊर्जाधानी कोरबा और जांजगीर-चांपा सहित कुल 18 जिलों में लू का व्यापक असर देखा जाएगा।

डॉक्टरों की दोटूक सलाह— बाहर निकलना यानी बीमारी को सीधे आमंत्रण

इस जानलेवा मौसम को देखते हुए धमतरी और रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सकों ने लोगों को बिना वजह बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस कड़कती धूप के सीधे संपर्क में आने से अस्पतालों में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), तेज सिरदर्द, आंखों में भयंकर जलन, चक्कर आना और सनस्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित नियम जारी किए हैं:

  • गमछे का उपयोग: यदि दोपहर के वक्त बाहर निकलना बहुत जरूरी हो, तो सिर, चेहरे और कान को सूती कपड़े या पारंपरिक गमछे से अच्छी तरह लपेटकर ही निकलें।

  • खाली पेट न जाएं: घर से निकलते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। खाली पेट धूप में जाना सीधे तौर पर लू को न्योता देना है।

  • निरंतर हाइड्रेशन: शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने के लिए साधारण पानी के साथ-साथ ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, छाछ और पुदीने के शरबत का लगातार सेवन करते रहें। प्रशासन ने सभी कलेक्टर्स को भी अपने-अपने जिलों में पेयजल और अस्पतालों में कोल्ड-वॉर्ड दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

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