Indore Honey Trap: इंदौर। शहर में हनी ट्रैप से जुड़े एक और चर्चित मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अलग-अलग मामलों में जेल पहुंचीं दो महिलाओं की दोस्ती बाहर आने के बाद एक कथित संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में बदल गई। आरोप है कि इस नेटवर्क ने कारोबारियों, संपन्न लोगों और राजनीतिक संपर्क रखने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाकर उन्हें जाल में फंसाने की कोशिश की।
Indore Honey Trap:पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
जेल में हुई मुलाकात, बाहर आकर तैयार किया नेटवर्क
Indore Honey Trap:जांच में सामने आया है कि आरोपी महिलाएं अलग-अलग मामलों में जेल में बंद थीं, जहां उनकी पहचान हुई। आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने सोशल मीडिया, वीडियो कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर संभावित लोगों से संपर्क बढ़ाना शुरू किया।
Indore Honey Trap:पुलिस के अनुसार, शुरुआती दोस्ती के बाद निजी मुलाकातों और डिजिटल संवाद के जरिए कथित रूप से संवेदनशील सामग्री तैयार की जाती थी, जिसका बाद में दबाव बनाने या धन उगाही के लिए उपयोग किए जाने का आरोप है।
बदनामी के डर से सामने नहीं आए कई लोग
Indore Honey Trap:क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ लोगों ने सामाजिक प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को लेकर शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसी कारण यह नेटवर्क लंबे समय तक सक्रिय रहने में सफल रहा।
Indore Honey Trap:हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक सामने आए तथ्यों और शिकायतों के आधार पर ही जांच आगे बढ़ाई जा रही है तथा संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है।
डिजिटल डेटा और बैंक रिकॉर्ड की जांच
Indore Honey Trap:जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डेटा रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि कुछ मोबाइल फोन कथित रूप से फॉर्मेट पाए गए हैं।पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस नेटवर्क के तार अन्य शहरों या राज्यों तक जुड़े हुए थे।
वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाए जाने से इंकार
Indore Honey Trap:क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के वर्तमान चरण में छत्तीसगढ़ के किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या अन्य रसूखदार व्यक्तियों को हनी ट्रैप का शिकार बनाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभिन्न एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण कर रही हैं।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
Indore Honey Trap:पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे डिजिटल साक्ष्य सामने आएंगे और अधिक लोग जानकारी साझा करेंगे, मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और कथित आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं।









