MP Congress Rift :इंदौर। कांग्रेस संगठन के भीतर एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव Rakesh Singh Yadav ने शहर कांग्रेस के मीडिया एवं आईटी विभाग प्रभारी Hitesh S Verma के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए संगठनात्मक अनुशासन भंग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कड़ी कार्रवाई और निष्कासन की मांग की है।
अजय सिंह के दौरे को लेकर शुरू हुआ विवाद
MP Congress Rift :विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष Ajay Singh हाल ही में इंदौर प्रवास के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर रहे थे। इस जनसंपर्क अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी ने पार्टी के भीतर असहमति को सार्वजनिक कर दिया।
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MP Congress Rift :बताया जा रहा है कि हितेश एस वर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में अजय सिंह के इस अभियान पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस को भाजपा से सीख लेने की सलाह दी थी। इसी टिप्पणी को लेकर अब संगठन के भीतर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
राकेश सिंह यादव ने उठाए सवाल
MP Congress Rift :प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राकेश सिंह यादव ने कहा कि यदि नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर जाकर संवाद करना “घर बैठे कांग्रेसियों से मिलना” माना जा रहा है, तो फिर उन वरिष्ठ नेताओं को किस श्रेणी में रखा जाएगा जिनसे अजय सिंह ने उनके निवास पर जाकर मुलाकात की।
MP Congress Rift :उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उक्त टिप्पणी शहर कांग्रेस नेतृत्व की सहमति से की गई थी या फिर प्रदेश नेतृत्व को इसकी जानकारी थी। यादव का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियां पार्टी संगठन को मजबूत करने के बजाय कमजोर करती हैं और कांग्रेस की विचारधारा तथा वरिष्ठ नेतृत्व के सम्मान के विपरीत हैं।
पार्टी नेतृत्व को भेजा पत्र
MP Congress Rift :राकेश सिंह यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए Rahul Gandhi, All India Congress Committee और Madhya Pradesh Congress Committee को पत्र भेजकर हितेश एस वर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने संगठन से निष्कासन और सार्वजनिक माफी की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी चर्चा
MP Congress Rift :इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंदौर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति चर्चा का विषय बन गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब सभी की नजर प्रदेश नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है कि संगठन इस विवाद पर क्या निर्णय लेता है।









