Sunday, August 23, 2026
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Sakti Shootout Solved: सक्ती के करही गोलीकांड का बिलासपुर रेंज पुलिस ने किया खुलासा; पैसों का लेन-देन और व्यापारिक रंजिश बनी कत्ल की वजह

Sakti Shootout Solved: सक्ती/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव में ठीक एक महीना पहले हुए हाईप्रोफाइल और रोंगटे खड़े कर देने वाले गोलीकांड का पुलिस ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर पटाक्षेप कर दिया है। जिला पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फूंक-फूंककर कदम बढ़ाते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल 3 मुख्य आरोपियों को अवैध पिस्टल, मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मृतक के परिवार से पैसों के पुराने लेन-देन, रेत और लोहा व्यवसाय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा तथा क्षेत्र में उनके बढ़ते सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव से ईर्ष्या के चलते इस खूनी साजिश को अंजाम दिया गया था।

आधी रात को घर में घुसकर सो रहे भाइयों पर बरसाई थीं गोलियां

गौरतलब है कि यह पूरी खौफनाक वारदात बीते 23 अप्रैल 2026 की रात करीब 12 बजे घटित हुई थी। करही गांव के प्रतिष्ठित लोहा व्यवसायी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के घर के पीछे वाले रास्ते से तीन अज्ञात नकाबपोश शूटर दीवार फांदकर भीतर दाखिल हुए। हमलावर सीधे उस कमरे में पहुंचे जहां सम्मेलाल का 19 वर्षीय छोटा बेटा आयुष कश्यप, उसका भाई आशुतोष और एक बहन गहरी नींद में सो रहे थे।

अपराधियों ने बिना संभलने का मौका दिए सो रहे आयुष पर पॉइंट ब्लैंक रेंज से दो राउंड अंधाधुंध फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे आयुष के सीने और दूसरी उसकी कनपटी को पार कर गई, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं बीच-बचाव करने उठे बड़े भाई आशुतोष कश्यप पर भी आरोपियों ने एक राउंड फायर किया, जो उसके दाहिने हाथ में जा लगी। वारदात के समय आरोपियों द्वारा पैसों की मांग किए जाने की बात भी सामने आई थी।

200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, 7 राज्यों तक दौड़ी पुलिस

इलाके के इतने रसूखदार और राजनीतिक परिवार के घर में घुसकर हुई इस हत्या से पूरे जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले में हड़कंप मच गया था। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए बिलासपुर आईजी और सक्ती पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष आसूचना और साइबर टीम को काम पर लगाया गया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए सक्ती और जांजगीर-चांपा जिले के सभी नेशनल हाईवे और अंदरूनी रास्तों पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले।

इस दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डंप डेटा के आधार पर संदिग्धों की लोकेशन छत्तीसगढ़ से बाहर ट्रैक हुई। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमों ने देश के 7 राज्यों— गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और यहां तक कि जम्मू-कश्मीर तक में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसके बाद आखिरकार घेराबंदी कर तीनों शूटरों को दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी सक्ती के ही रहने वाले, हथियार और बाइक जब्त

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पकड़े गए तीनों ही आरोपी सक्ती जिले के ही स्थानीय निवासी हैं, जो पीड़ित परिवार की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूषण बघेल (उम्र 23 वर्ष), हेमंत कुमार बघेल (उम्र 23 वर्ष) और अमित टंडन (उम्र 28 वर्ष) के रूप में की गई है। पुलिस ने जब इनके गुप्त ठिकानों पर दबिश दी, तो इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मुख्य घातक हथियार यानी एक नग पिस्टल, एक भरी हुई मैगजीन, एक अतिरिक्त खाली मैगजीन और बिना नंबर की वह मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है, जिससे ये घटना को अंजाम देकर फरार हुए थे।

रेत और लोहा कारोबार की आपसी रंजिश बनी काल

पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में मुख्य आरोपियों ने स्वीकार किया कि सम्मेलाल कश्यप का परिवार क्षेत्र का एक बड़ा लोहा व्यापारी होने के साथ-साथ राजनीति में भी काफी सक्रिय है। सम्मेलाल स्वयं ब्लॉक कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व उपसरपंच रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी भी गांव की पूर्व सरपंच रही हैं। हाल ही में कश्यप परिवार ने रेत के बड़े कारोबार में कदम रखा था, जिसमें मृतक आयुष कश्यप मुख्य रूप से कमान संभाल रहा था। घटना की रात भी आयुष जांजगीर-चांपा में जब्त हुई अपनी एक रेत गाड़ी को प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत छुड़वाने गया हुआ था और देर रात ही घर लौटा था।

आरोपियों को कश्यप परिवार का यह व्यावसायिक और आर्थिक रूप से बढ़ता प्रभाव फूटी आंख नहीं सुहा रहा था। इसी व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में खुद को आगे बढ़ाने और पुराना हिसाब चुकता करने के लिए उन्होंने कश्यप परिवार के चिराग को बुझाने की यह खौफनाक साजिश रची थी। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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