Forest Department News: राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में लकड़ी माफियाओं ने एक बार फिर प्रशासन और वन विभाग को खुली चुनौती दे दी है। जिले में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि इस बार चंदन चोरों ने आम लोगों की नहीं बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवासों को ही निशाना बनाया है। ताजा मामले में वन मंडल अधिकारी (DFO) वैणी प्रसाद के सरकारी बंगले से चंदन का पेड़ काटकर चोरी कर लिया गया। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
Forest Department News:जानकारी के अनुसार अज्ञात बदमाश रात के अंधेरे में डीएफओ के सरकारी आवास में घुसे और वहां लगे चंदन के पेड़ को काटकर अपने साथ ले गए। घटना का पता सुबह तब चला जब परिसर में पेड़ का कटा हुआ हिस्सा मिला। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
चार अधिकारियों के आवास बने निशाना
Forest Department News:चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई एकलौती घटना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक जिला मुख्यालय स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी के सरकारी आवास से भी चंदन का पेड़ चोरी हो चुका है। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवासों को भी चंदन चोरों ने निशाना बनाया है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
Forest Department News:वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी परिसरों में लगे चंदन के पेड़ों की निगरानी बढ़ाई जाएगी, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब अधिकारियों के आवास ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम क्षेत्रों में वन संपदा की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही होगी।
चंदन की कीमत ने बढ़ाई तस्करों की दिलचस्पी
Forest Department News:जानकारों के अनुसार बाजार में चंदन की लकड़ी की कीमत काफी अधिक होती है। सूत्र बताते हैं कि चोरी हुए एक चंदन के पेड़ की कीमत लगभग 30 हजार रुपये या उससे अधिक हो सकती है। यही वजह है कि चंदन तस्करों की नजर लंबे समय से सरकारी परिसरों और निजी संपत्तियों में लगे इन पेड़ों पर बनी रहती है।
सारंगपुर की आरामशीनें भी चर्चा में
Forest Department News:मामले के सामने आने के बाद सारंगपुर क्षेत्र में संचालित कुछ आरामशीनों (सॉ मिल) पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में लकड़ी का भंडारण किया जाता है, लेकिन उसकी नियमित जांच और सत्यापन को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जाती। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चोरी की गई लकड़ी को भी इसी नेटवर्क के माध्यम से ठिकाने लगाया जा सकता है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी
Forest Department News:डीएफओ सहित अन्य अधिकारियों के आवासों से चंदन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Forest Department News:फिलहाल इस घटना ने जिले में वन संपदा की सुरक्षा, सरकारी परिसरों की निगरानी और लकड़ी तस्करी के बढ़ते नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि चोरी की इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या फिर स्थानीय स्तर पर लकड़ी माफिया इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।









